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अब यूपी के किसान भी करेंगे मखाने की खेती, खर्च का आधा पैसा देगी राज्य सरकार

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने मखाने की खेती के लिए किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का ऐलान किया है। दुनिया भर में मशहूर बिहार के मखाना की खेती अब उत्तर प्रदेश के किस

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Pooja Rai·Correspondent·13 Sep 2024· 3 min read

अब यूपी के किसान भी करेंगे मखाने की खेती, खर्च का आधा पैसा देगी राज्य सरकार

अब यूपी के किसान भी करेंगे मखाने की खेती, खर्च का आधा पैसा देगी राज्य सरकार

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार ने मखाने की खेती के लिए किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का ऐलान किया है। दुनिया भर में मशहूर बिहार के मखाना की खेती अब उत्तर प्रदेश के किसान भी करेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और देश का उत्पादन भी। इसमें उनकी आर्थिक मदद करेगी राज्य सरकार।

दुनिया भर में मखाने के उत्पादन में भारत सबसे आगे है। देश में लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मखाने की खेती होती है, जिसमें 80 से 90 फीसदी उत्पादन अकेले बिहार में होता है। इसके उत्पादन में 70 फीसदी हिस्सा सिर्फ मिथिलांचल का है। देश में बिहार के अलावा बंगाल, असम, उड़ीसा, जम्मू कश्मीर, मणिपुर और मध्य प्रदेश में भी इसकी खेती की जाती है। हालांकि व्यवसायिक स्तर पर इसकी खेती अभी सिर्फ बिहार में ही की जा रही है। लेकिन केन्द्र सरकार अब बिहार के साथ ही देश के अन्य बाकी राज्यों में भी इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में यूपी सरकार ने भी राज्य में इसकी खेती को बढ़ावा दे रही है।

वाराणसी से होगी इसकी शुरुआत

राज्य सरकार ने मखाने की खेती करने के लिए किसानों को सब्सिडी देने का ऐलान किया है। किसानों को मखाने की खेती के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। शुरुआत में मखाने की खेती के लिए वाराणसी के 25 किसानों का चुनाव किया गया है। जिन्हें मखाने की खेती शुरू करने के लिए ट्रेनिंग के साथ ही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जाएगी।

कैसे होती है इसकी खेती?

पोषक तत्वों से भरपूर मखाने की खेती ज्यादातर तालाबों या तालों में किया जाता है, लेकिन इसके अभाव में मखाना की खेती खेत में भी किया जा सकता है। नवंबर महीने में इसकी नर्सरी डाली जाती है। चार महीने बाद फरवरी और मार्च महीने में इसकी रोपाई की जाती है। मखाना की खेती के लिए हमेशा तीन से चार फीट पानी भरा रहना जरूरी है। रोपाई के लगभग 5 माह बाद पौधों में फूल लगने लगते हैं। अक्टूबर नवम्बर में इसकी कटाई शुरू होती है। इस तरह नर्सरी से लेकर कटाई तक इस सत्संग में लगभग 10 महीने का समय लगता है। हालांकि मखाने की कई ऐसी किसने भी हैं जो कम लागत और कम समय में अच्छा उत्पादन होता है।

मखाना का स्वास्थ लाभ

मखाना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे सोडियम, पोटेशियम, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी। इसके सेवन से पाचन-तंत्र हेल्दी होने के साथ शरीर की कमजोरी भी दूर होती हैं। मखाने में कैलोरी काफी कम मात्रा में होती है। ऐसे में इसका सेवन वह लोग भी कर सकते हैं, जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसको हेल्दी स्नैक के रूप में आसानी से खाया जा सकता है। मखाने को बच्चे से लेकर घर के बुजुर्गों को भी दिया जा सकता है।
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