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पीएम किसान योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी है Farmer ID

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भारत सरकार द्वारा पीएम-किसान पोर्टल पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. किसानों को और अधिक सुविधा, पारदर्शिता और दक्षता देने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश ज

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Pooja Rai· Correspondent

28 अप्रैल 2025· 2 min read

पीएम किसान योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी है Farmer ID

पीएम किसान योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी है Farmer ID

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भारत सरकार द्वारा पीएम-किसान पोर्टल पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. किसानों को और अधिक सुविधा, पारदर्शिता और दक्षता देने के उद्देश्य से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत पीएम किसान योजना में सेल्फ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया है, जिसमें अब आवेदन के लिए किसान की फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है.

पीएम-किसान पोर्टल पर तमाम बड़े बदलाव किए गए हैं जैसे पोर्टल की लॉगिन सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाया गया है. अब लॉगिन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से ही संभव होगा, जिसकी वैधता 90 सेकंड होगी. सुरक्षा की नजर से एक समय में केवल एक लॉगिन की अनुमति होगी. इसके अलावा रजिस्ट्रेशन फॉर्म में वैवाहिक स्थिति का विकल्प जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से स्थिति अनुसार लाभार्थी को अपने पति/पत्नी अथवा माता-पिता का विवरण देना होगा. किसान को अपनी भूमि संबंधित जानकारी और जमाबंदी दस्तावेज अपलोड करने के बाद ही आवेदन तहसील या जिला स्तर पर मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा.

ये भी पढ़ें - किसानों के लिए क्यों ज़रूरी है FARMER ID CARD?

और क्या बदलाव हुए हैं?
राज्य परिवर्तन सुविधा भी अब पोर्टल पर सक्रिय कर दी गई है. अगर किसी किसान ने रजिस्ट्रेशन के समय राज्य गलत अंकित कर दिया था, तो अब वह फार्मर कॉर्नर (Farmer Corner) के तहत 'State Change Request' के माध्यम से खुद बदलाव कर सकता है. यह अनुरोध तहसील व जिला स्तर से सत्यापन के बाद राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को भेजा जाएगा.

इसके अलावा, योजना का फायदा छोड़ चुके किसानों के लिए अब 'Surrender Revocation Request' की सुविधा उपलब्ध है. इस विकल्प द्वारा किसान दोबारा फायदा उठाने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन के बाद भारत सरकार को अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा. अगर किसी स्तर पर रिक्वेस्ट अस्वीकृत हो जाती है, तो आवेदन स्थायी रूप से रद्द माना जाएगा.

अपात्र लाभार्थियों से राशि की वसूली के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. किसान अपने पंजीकरण या आधार नंबर से पाए किस्तों का विवरण देख सकते हैं और नेटबैंकिंग, कार्ड्स या यूपीआई के माध्यम से राशि जमा कर सकते हैं. ऑफलाइन वसूली के लिए किसान चेक/डीडी द्वारा निर्धारित खाते में राशि जमा कर उसकी रसीद तहसील/जिला कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं.

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