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नासिक में बनेगा राष्ट्रीय प्याज भवन, बीज से लेकर बिक्री तक मिलेगी पूरी मदद

महाराष्ट्र के नासिक में राष्ट्रीय प्याज भवन बनाया जाएगा, जिससे प्याज की खेती, कीमत नियंत्रण और बिक्री से जुड़े फैसले किसानों के हाथ में होंगे। इस परियोजना से बिचौलियों की भूमिका घटेगी, पारदर्शिता बढ़े

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Pooja Rai· Correspondent

17 दिसंबर 2025· 3 min read

नासिक में बनेगा राष्ट्रीय प्याज भवन, बीज से लेकर बिक्री तक मिलेगी पूरी मदद

नासिक में बनेगा राष्ट्रीय प्याज भवन, बीज से लेकर बिक्री तक मिलेगी पूरी मदद

महाराष्ट्र के नासिक में राष्ट्रीय प्याज भवन बनाया जाएगा, जिससे प्याज की खेती, कीमत नियंत्रण और बिक्री से जुड़े फैसले किसानों के हाथ में होंगे। इस परियोजना से बिचौलियों की भूमिका घटेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को स्थायी व बेहतर आमदनी का रास्ता मिलेगा।

महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद महाराष्ट्र स्टेट प्याज प्रोड्यूसर फार्मर्स ऑर्गनाइजेशन (MSOPFO) ने एक बड़े और अहम प्रोजेक्ट की घोषणा की है। संगठन ने राष्ट्रीय प्याज भवन बनाने का फैसला लिया है। इसका मकसद प्याज की कीमतों को संतुलित रखना, बाजार पर नजर रखना और किसानों को खेती से लेकर बिक्री तक पूरी मदद देना है।

मीडिया से बात करते हुए संगठन के प्रेसिडेंट भारत दिघोले ने बताया कि अब तक प्याज से जुड़े बड़े फैसले—जैसे आयात-निर्यात, एक्सपोर्ट बैन, बफर स्टॉक और कीमत नियंत्रण—बिना किसानों की राय के लिए जाते रहे हैं। इसका नुकसान सीधे किसानों को उठाना पड़ा। लेकिन राष्ट्रीय प्याज भवन बनने के बाद ये फैसले किसानों की भागीदारी और उनके हित में लिए जाएंगे। इससे प्याज की खेती एक सुरक्षित और स्थायी आमदनी का जरिया बनेगी।

सिन्नर में बनेगा पहला चरण, लागत करीब 5 करोड़
बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय प्याज भवन की शुरुआत नासिक जिले के सिन्नर तालुका के जयगांव में की जाएगी। इसके लिए दो एकड़ जमीन तय की गई है। पहले चरण की अनुमानित लागत करीब 5 करोड़ रुपये होगी, जिसे किसान खुद मिलकर जुटाएंगे। आगे चलकर जरूरत के हिसाब से इस प्रोजेक्ट का विस्तार भी किया जाएगा।

बीज से लेकर फसल तक होगी वैज्ञानिक निगरानी
इस भवन के जरिए प्याज के बीज पर रिसर्च, क्वालिटी कंट्रोल, नर्सरी मैनेजमेंट और वैज्ञानिक तरीके से खाद व कीटनाशकों के इस्तेमाल की योजना बनाई जाएगी। साथ ही लागत घटाने के लिए किसानों के लिए एकसाथ खरीद की व्यवस्था होगी और पूरी फसल की निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसान कम खर्च में बेहतर उत्पादन कर सकें।

ये भी पढ़ें - मखाना को मिलेगा मिशन मोड सपोर्ट: 6 साल में 476 करोड़ से बदलेगा भारत का मखाना सेक्टर

बिचौलियों से मुक्ति, सीधे बिक्री की व्यवस्था
प्याज की बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए एक डायरेक्ट सेल्स चेन तैयार की जाएगी। इससे किसान सीधे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, किसानों को बेहतर दाम मिलेगा और ग्राहकों को भी स्थिर कीमत पर प्याज उपलब्ध होगा।

टेस्टिंग लैब और आधुनिक सुविधाएं भी होंगी
राष्ट्रीय प्याज भवन में किसानों, व्यापारियों, एक्सपोर्टर्स और अधिकारियों के लिए ठहरने और खाने की सुविधा होगी। इसके अलावा मीटिंग हॉल, इंटरनेट, कंप्यूटर और एक आधुनिक प्याज टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएगी, जिससे गुणवत्ता जांच और व्यापार दोनों आसान होंगे। मतलब राष्ट्रीय प्याज भवन किसानों को मजबूत बनाने और प्याज की खेती को फायदे का सौदा बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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