Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

टमाटर के दाम बढ़ने की ये है वजह, जाने कब आएगी क़ीमतों में गिरावट

इकोनॉमिक टाइम्स के एक रिपोर्ट के अनुसार एक सरकारी अधिकारी बताया है कि टमाटर की खुदरा कीमत, जो राष्ट्रीय राजधानी में 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, आने वाले हफ्तों में कम होने की उम्मीद है क्

NP

Pooja Rai· Correspondent

15 जुलाई 2024· 3 min read

टमाटर के दाम बढ़ने की ये है वजह, जाने कब आएगी क़ीमतों में गिरावट

टमाटर के दाम बढ़ने की ये है वजह, जाने कब आएगी क़ीमतों में गिरावट

नई दिल्ली।दिल्ली में टमाटर(Tomato) की खुदरा कीमतें 75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, आने वाले हफ्तों में कम होने की उम्मीद है।टमाटर सहित दूसरी सब्ज़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए खराब मौसम की वजह से हाल ही में सप्लाई में आई रुकावटों को जिम्मेदार ठहराया। रिपोर्ट के अनुसार टमाटर के साथ आलू और प्याज की कीमतें भी जल्द ही स्थिर होंगी।

इकोनॉमिक टाइम्स के एक रिपोर्ट के अनुसार एक सरकारी अधिकारी बताया है कि टमाटर की खुदरा कीमत, जो राष्ट्रीय राजधानी में 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, आने वाले हफ्तों में कम होने की उम्मीद है क्योंकि दक्षिणी राज्यों से सप्लाई में सुधार होगा। और कहा कि आलू और प्याज की कीमतें, जो सप्लाई में रुकावट के कारण बढ़ी थीं, जल्द ही स्थिर होंगी।

ये पढ़ें -डेयरी बिजनेस के लिए 31 लाख रुपए की सब्सिडी… ऐसे आवेदन कर आप भी उठा सकते हैं फायदा

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि दिल्ली और कुछ अन्य शहरों में टमाटर, आलू और प्याज की कीमतें ऊंची चल रही हैं। अत्यधिक गर्मी और उसके बाद अधिक बारिश से सप्लाई बाधित हुई, जिससे उपभोक्ता क्षेत्रों में कीमतें बढ़ गईं।उन्होंने आगे कहा कि नई दिल्ली में टमाटर की कीमत बढ़कर 75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, लेकिन अगर भारी बारिश से सप्लाई बाधित नहीं होती है तो इसमें कमी आने की संभावना है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 12 जुलाई को दिल्ली में टमाटर की खुदरा कीमत 75 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो एक साल पहले की अवधि में 150 रुपये प्रति किलोग्राम थी। मुंबई में, कीमत 83 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 80 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

टमाटर का अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 12 जुलाई को 65.21 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि पिछले साल यह 53.36 रुपये प्रति किलोग्राम था।
वर्तमान में, दिल्ली को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से टमाटर की आपूर्ति मिल रही है। अधिकारी ने कहा की जैसे ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से हाइब्रिड टमाटर राष्ट्रीय राजधानी में पहुंचेंगे, कीमतें कम होने लगेंगी।

सरकार की टमाटर की सब्सिडी वाली बिक्री फिर से शुरू करने की योजना नहीं है, यह उपाय पिछले साल लागू किया गया था जब कीमत 110 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो गई थी। अधिकारी ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से आपूर्ति में सुधार होने पर कीमतें 1-2 सप्ताह के भीतर सामान्य हो जाएंगी।

आलू और प्याज़ के बढ़ते दाम को ले के अधिकारी ने बताया कि भारत के पास 283 लाख टन आलू भंडारित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम उत्पादन के बावजूद घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। महाराष्ट्र के थोक बाजारों में प्याज की कीमतें कम हो गई हैं, सितंबर में नई फसल के आगमन के साथ इसमें और गिरावट आने की उम्मीद है।

सरकार आने वाले हफ्तों में प्राइस स्टेबल करने की दिशा में काम कर रही है, बशर्ते प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण कोई और व्यवधान न हो।

ये भी देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min