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गन्ना किसानों ने बढ़े दाम पर जताई खुशी, सीएम योगी को कहा धन्यवाद

पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने पर किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। सीएम ने कहा कि किसानों का सम्मान ही प्रदेश की प्रगति की कुंजी है।

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Pooja Rai· Correspondent

30 अक्टूबर 2025· 3 min read

गन्ना किसानों ने बढ़े दाम पर जताई खुशी, सीएम योगी को कहा धन्यवाद

गन्ना किसानों ने बढ़े दाम पर जताई खुशी, सीएम योगी को कहा धन्यवाद

पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने पर किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। सीएम ने कहा कि किसानों का सम्मान ही प्रदेश की प्रगति की कुंजी है। उन्होंने बताया कि अब तक ₹2.90 लाख करोड़ का गन्ना भुगतान किया गया है और 122 चीनी मिलें चालू हैं। ‘स्मार्ट गन्ना किसान प्रणाली’ से पर्ची और भुगतान ऑनलाइन होने से बिचौलियों का अंत हुआ है। मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि “गन्ना माफिया” और “घटतौली” जैसे शब्द अब यूपी से गायब हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के बाद किसानों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आवास पहुंचकर सम्मान किया। किसानों ने कहा कि योगी सरकार ने इस फैसले से उन्हें एक महीने में दूसरी बार दीपावली मनाने का मौका दिया है।

किसानों से संवाद: “अन्नदाता का सम्मान ही असली विकास”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी प्रदेश या देश की तरक्की तभी संभव है जब उसके अन्नदाता का सम्मान हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद पहली बार खेती-किसानी को सरकारी नीतियों के केंद्र में स्थान मिला। पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे किसानों की नहीं, सिर्फ अपने परिवार की चिंता करती थीं, जिसके कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था।

योगी ने बताया कि 2017 में सरकार बनने के पहले दिन ही 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया और अब बिचौलियों की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। गन्ना किसानों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में जा रहा है।

रिकॉर्ड भुगतान और चीनी मिलों का पुनरुद्धार
सीएम योगी ने बताया कि उनकी सरकार के साढ़े आठ सालों में किसानों को 2,90,225 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया गया है, जो पिछली सरकारों के 10 साल के मुकाबले 1,42,879 करोड़ रुपये ज्यादा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां चीनी मिलें बंद या बिक रही थीं, वहीं अब प्रदेश में 122 मिलें संचालित हैं, 4 नई मिलें खोली गई हैं और 6 पुरानी मिलों को फिर से चालू किया गया है।

ये भी पढ़ें - किसानों को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली में शुरू हुआ राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025

तकनीक से पारदर्शिता और रोजगार का नया रास्ता
मुख्यमंत्री ने बताया कि “स्मार्ट गन्ना किसान प्रणाली” से अब पूरी पर्ची व्यवस्था ऑनलाइन हो गई है। इससे बिचौलियों का अंत हुआ और पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज सिर्फ चीनी मिलों के माध्यम से 10 लाख परिवारों को आजीविका मिल रही है। सरकार ने खांडसारी उद्योग को बढ़ावा दिया है और जहां ज़रूरत होगी, वहां सीबीजी और इथेनॉल प्लांट भी लगाए जाएंगे।

“गन्ना माफिया” शब्द हुआ इतिहास
गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह ने कहा कि पहले “गन्ना माफिया” और “घटतौली” जैसे शब्द आम थे, लेकिन आज किसान इनसे पूरी तरह मुक्त हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के फैसले से किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है और एक सप्ताह के भीतर रकम उनके खातों में पहुंच रही है।

किसानों ने जताई खुशी, बोले– योगी सरकार ने दिया सम्मान
मथुरा, शामली और कई जिलों से आए किसानों ने कहा कि योगी सरकार ने उनके जीवन में खुशहाली लाई है। मथुरा के किसान हीरा सिंह ने कहा कि “जय जवान जय किसान” का नारा तो पुराना है, लेकिन उसे सार्थक बीजेपी सरकार ने किया है। शामली के सत्यपाल भूरा ने कहा कि पहले किसान गन्ना लेकर महीनों इंतजार करते थे, अब मोबाइल पर पर्ची और भुगतान दोनों मिल रहे हैं।

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