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खाद्य मंत्रालय का रिपोर्ट, गेहूं ख़रीद को ले के सरकार अभी भी तय अनुमान से है पीछे, इसके साथ ही कृषि से जुड़ी और खबरें पढ़ें

दिनभर की खेती किसानी से जुड़ी खबरों की न्यूज पोटली में आपका स्वागत है। चलिए देखते हैं आज की पोटली में किसानों के लिए क्या क्या नया है। 1. खाद्य मंत्रालय के अनुसार गेहूं ख़रीद को ले के सरकार अभी भ

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Pooja Rai· Correspondent

5 जून 2024· 4 min read

खाद्य मंत्रालय का रिपोर्ट, गेहूं ख़रीद को ले के सरकार अभी भी तय अनुमान से है पीछे, इसके साथ ही कृषि से जुड़ी और खबरें पढ़ें

दिनभर की खेती किसानी से जुड़ी खबरों की न्यूज पोटली में आपका स्वागत है। चलिए देखते हैं आज की पोटली में किसानों के लिए क्या क्या नया है।


1. खाद्य मंत्रालय के अनुसार गेहूं ख़रीद को ले के सरकार अभी भी तय अनुमान से पीछे है। खरीद कार्यक्रम में शामिल सभी एजेंसियों द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में खरीद केंद्रों और मंडियों में कुल 36.30 मिलियन टन गेहूं आया है।

इस वर्ष गेहूं खरीद का आधिकारिक अनुमान 37.29 मिलियन टन था, लेकिन अभी तक 36.30 मिलियन टन गेहूं आया है।
2021-22 में 43.3 मिलियन टन की रिकॉर्ड खरीद हुई थी और सरकार ने 2022-23 के लिए 44.4 मिलियन टन खरीद लक्ष्य तय किया था।
पंजाब और हरियाणा में गेहूं की खरीद 19.6 मिलियन टन की गयी है जो की तय लक्ष्य 21 मिलियन टन का 93 प्रतिशत ही है, दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से 31 मई तक 6.9 मिलियन टन ही खरीद हो पाई है जो की तय लक्ष्य के मुकाबले 43 प्रतिशत कम है।
लेकिन अभी उत्तर प्रदेश और बिहार में आधिकारिक खरीद अवधि 15 जून तक है, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में यह 30 जून तक है।

2. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य सरकारी स्रोत एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर जुटाए गए अलग-अलग बागवानी फसलों के क्षेत्र और उत्पादन का 2023-24 का दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है।

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में देश में बागवानी उत्पादन लगभग 352.23 मिलियन (3520 लाख) टन होने का अनुमान है, जो 2022-23 (अंतिम अनुमान) की तुलना में लगभग 32.51 लाख टन (0.91%) कम है। फलों का उत्पादन 112.63 मिलियन टन तक पहुंचने की उम्मीद है और सब्जियों का उत्पादन लगभग 204.96 मिलियन टन होने का अनुमान लगाया है।

3.पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Scheme) के तहत किसानों को अनुदान पर खेत में सोलर पंप (Solar Pump) लगाने के लिए राजस्थान सरकार सब्सिडी दे रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने आवेदन मंगाए थे।दस्तावेज अपलोड नहीं किए जाने की वजह से कई किसानों के आवेदन रिजेक्ट हो गए थे। अब उनको राहत देते हुए सरकार ने दस्तावेज पूरा करने का एक और मौका दिया है।

जिनके फॉर्म रिजेक्ट हुए थे वे 5 जून से 20 जून तक राजकिसान साथी पोर्टल पर रि-ओपन कराए जाएंगे। ऐसे किसान राज किसान साथी पोर्टल पर रिजेक्ट हुए आवेदनों को निर्धारित अवधि में रि-ओपन कर जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे

आवेदन के साथ लेटेस्ट जमाबंदी व नक्शा लगाना होगा।यह 6 महीने से ज्यादा पुराना नहीं होना चाहिए। किसान द्वारा जल स्रोत होने व डीजल चालित संयंत्र से सिंचाई करने का स्वघोषित शपथ पत्र भी देना होगा।

और अब किसानों से लिए सबसे उपयोगी मौसम की जानाकरी

4. मौसम अपडेट:

भारतीय मौसम व‍िभाग ने 8 जून तक पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ब‍िहार, ओड‍िशा, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़-दिल्ली और राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में भीषण लू चलने की संभावना जताई है।
IMD के अनुसार 5 तारीख यानी आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में धूल भरी आंधी चल सकती है।
IMD ने यह भी कहा है क‍ि 7 जून के दौरान पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, 5 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश और 5 से 8 जून के दौरान राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ छिटपुट हल्की बारिश होने की संभावना है।

अगर मॉनसून की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे गोवा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है।

और आखिर में न्यूज पोटली की ज्ञान पोटली

5. आज यानी 5 जून को हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है, लोगों में पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करना। हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण को बचाना कितना जरूरी है।


FAO के अनुसार विश्व की लगभग 34% भूमि (degrade)ख़राब हो गयी है।
अगर हम आने वाली पीढ़ी के जीने-खाने के लिये कुछ करना चाहते है तो ज़रूरी है कि हम ज़मीनों की सुरक्षा के लिए ये महत्वपूर्ण कदम उठाएँ।
1. स्थानीय और मौसमी उत्पाद खाएं जो प्राकृतिक संसाधनों का अधिक बुद्धिमानी से उपयोग करते हैं।
2.भोजन की बर्बादी ना करें
3.अपने खेतों में खाद(compost) का प्रयोग करें ना की fertiliser का।
fertiliser पोषक तत्व प्रदान करता है जबकि
compost न केवल पोषक तत्व प्रदान करता है, बल्कि मिट्टी की संरचना और मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार करता है, जो पौधों के बेहतर विकास में सहायता करता है।

खेती किसानी की रोचक जानकारी और जरुरी मुद्दों, नई तकनीक, नई मशीनों की जानकारी के लिए देखते रहिए न्यूज पोटली।

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