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खरीफ प्याज की खेती के लिए लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दे रही है बिहार सरकार, इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

बिहार सरकार किसानों की आय, कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है. इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में प्याज क्षेत्र विस्तार योजना शुरू की गई है. योजना के तहत प्याज की ख

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Pooja Rai· Correspondent

2 जून 2025· 2 min read

खरीफ प्याज की खेती के लिए लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दे रही है बिहार सरकार, इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

खरीफ प्याज की खेती के लिए लागत पर 75 प्रतिशत अनुदान दे रही है बिहार सरकार, इन जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

बिहार सरकार किसानों की आय, कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है. इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में प्याज क्षेत्र विस्तार योजना शुरू की गई है. योजना के तहत प्याज की खेती के लिए 2,02,12,500 रुपये की मंजूरी दी गई है. यह योजना राज्य के इन 18 जिलों में लागू होगी. यहाँ के किसान खरीफ सीजन में प्याज की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

आपको बता दें कि खरीफ प्याज का क्षेत्र विस्तार योजना राज्य के 18 जिलों- बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नालन्दा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सीवान और वैशाली में लागू होगी. कृषि विभाग की ओर से खरीफ प्याज की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 किलो बीज की जरूरत निर्धारित की गई है. बीज का वितरण 2,450 रुपये प्रति किलोग्राम या वास्तविक दर जो भी कम हो कृषि विभाग देगा. बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के जरिए वितरण किया जाएगा.

योजना का उद्देश्य
योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में खरीफ प्याज के खेती क्षेत्र का विस्तार कर कुल उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाना है, ताकि किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके. योजना की पात्रता न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.10 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) भूमि के लिए होगी. प्रति हेक्टेयर 24,500 रुपये की अनुमाति लागत पर किसानों को 75% अनुदान दिया जाएगा. प्रति हेक्टेयर अनुमानित इकाई लागत बीज मूल्य सहित 24,500 रुपये पर 75% यानि 18,375 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायतानुदान का प्रावधान है.

ये भी पढ़ें - सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात को मार्च 2026 तक बढ़ाया

ये है जरूरी
इच्छुक किसान आवेदन करने से पहले DBT में पंजीकृत मोबाइल संख्या और बैंक खाता संबंधित विवरण की जांच खुद कर लें. नियमानुसार सहायतानुदान DBT in Cash के तहत CFMS द्वारा भुगतान किया जाएगा.
इच्छुक किसानों को भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र/दो वर्ष पहले से अपडेटेड राजस्व रसीद/ऑनलाइन अपडेटेड रसीद/वंशावली/एकरारनामा (विहित प्रपत्र) के आधार पर विधि मान्य भू-स्वामित्व का प्रमाण-पत्र में से कोई एक उपस्थापित करना अनिवार्य होगा. अगर आवेदक का नाम भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं है, तो भूमि-स्वामित्व/राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाना अनिवार्य होगा.

ऑनलाइन आवेदन के लिए
योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को डीबीटी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा. किसान कृषि विभाग की वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर योजनाओं का फायदा लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करें. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन प्रक्रिया की जाएगी.

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