News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात
एग्री बुलेटिन

यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात

उत्तर प्रदेश का आलू, खासकर हाथरस जिले का आलू, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से पहचान बना रहा है। बेहतर गुणवत्ता, और समय पर आपूर्ति के कारण इस साल हाथरस से आलू निर्यात में करीब 5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई

NP

Pooja Rai·Correspondent·19 Jan 2026· 4 min read

यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात

यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात

उत्तर प्रदेश का आलू, खासकर हाथरस जिले का आलू, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से पहचान बना रहा है। बेहतर गुणवत्ता, और समय पर आपूर्ति के कारण इस साल हाथरस से आलू निर्यात में करीब 5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है और भारत के कुल आलू निर्यात में जिले की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत हो गई है।

भारत में आलू उत्पादन के नक्शे पर उत्तर प्रदेश पहले से ही अग्रणी राज्य रहा है, लेकिन अब यूपी का आलू सिर्फ देश की मंडियों तक सीमित नहीं रहा। हाथरस जिले का आलू तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बेहतर गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति के दम पर हाथरस आज यूपी का एक प्रमुख आलू निर्यात केंद्र बनकर उभरा है। इस साल जिले से आलू निर्यात में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और भारत के कुल आलू निर्यात में से लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा अकेले हाथरस जिले से जा रहा है।

यूपी का आलू बना वैश्विक मांग का केंद्र
हाथरस अब उत्तर प्रदेश में आगरा और फर्रुखाबाद के बाद तीसरा सबसे बड़ा आलू उत्पादक जिला बन चुका है। बीते दो वर्षों में निर्यात की बढ़ती संभावनाओं ने जिले को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई जगह दिलाई है। सादाबाद और सासनी तहसील के गांवों में 3797, एलआर, सूर्या और संताना किस्मों की पैदावार तेज़ी से बढ़ी है।यूपी के आलू की गुणवत्ता अब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर रही है, जिससे विदेशों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

विदेशों में बढ़ी भारतीय आलू की मांग
यूरोप और चीन में ऊर्जा संकट, बिजली की बढ़ती कीमतों, जलवायु प्रतिकूलता और उत्पादन लागत में इजाफे के कारण वहां का आलू और प्रोसेसिंग उद्योग दबाव में है। इससे वैश्विक बाजार में एक खालीपन पैदा हुआ, जिसे यूपी और खासकर हाथरस के किसानों ने मौके में बदला। कम लागत और समय पर सप्लाई ने भारतीय आलू को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत विकल्प बना दिया।

टैक्स छूट से यूपी के आलू को बढ़त
भारत–आसियान व्यापार समझौते के तहत मिलने वाली टैक्स छूट ने भी यूपी के आलू को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बना दिया है। किसानों का कहना है कि यूरोप और चीन की समस्याएं हमारे लिए अवसर साबित हुई हैं।

2025–26 की शुरुआत में ही बड़ा निर्यात
वित्तीय वर्ष 2025–26 के शुरुआती महीनों में ही हाथरस, अलीगढ़, आगरा, चंदौली और कानपुर जिलों के आलू उत्पादक क्षेत्रों से भारत ने करीब 53.68 करोड़ रुपये के ताज़ा और प्रोसेस्ड आलू का निर्यात किया है।हाथरस के कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा अब निर्यात में जा रहा है, जबकि शेष आलू दिल्ली-एनसीआर, दक्षिण भारत की मंडियों और घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है।

ये भी पढ़ें - फसल से सेहत तक: क्यों भारत को अब मिट्टी बचाने की ज़रूरत है?

दक्षिण-पूर्व एशिया बना बड़ा बाजार
दक्षिण-पूर्व एशिया के फिलीपींस, इंडोनेशिया और थाईलैंड यूपी के आलू के प्रमुख आयातक बने हुए हैं। वर्ष 2025 में मलेशिया ने 18.64 करोड़ रुपये का आलू भारत से खरीदा।

‘यूपी का आलू अब वैश्विक पहचान’
APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि “यूपी का आलू अब वैश्विक पहचान बन चुका है।” उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में अलग-अलग देशों में ट्रायल के तौर पर आलू भेजा गया था। सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पास होने के बाद ही बड़े पैमाने पर निर्यात का रास्ता खुला। विदेशों में भारतीय आलू की मांग चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, स्टार्च, पाउडर और स्नैक्स के लिए तेज़ी से बढ़ी है। यही वजह है कि आलू उत्पादक किसानों के लिए यह साल ऐतिहासिक बनता जा रहा है।

अफ्रीका और सऊदी अरब के लिए बड़ा निर्यात
उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से अफ्रीकी देशों और 15 मई से सऊदी अरब के लिए आलू निर्यात की औपचारिक शुरुआत होगी।क्वालिटी टेस्ट और लैब रिपोर्ट के बाद 3797, चिपसोना, सिंदूरी और कुफरी किस्में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी हैं।इसके बाद सऊदी अरब सरकार ने यूपी से 6.20 लाख टन आलू मंगवाने की मंजूरी दी है। नवंबर तक हर महीने इसी मात्रा में आलू का निर्यात जारी रहेगा। वहीं अफ्रीका के अंगोला, तंजानिया, मिस्र, केन्या और मोरक्को जैसे देशों ने चीन और यूरोप की जगह भारत के आलू पर भरोसा जताया है। इन देशों ने भारत से करीब 3.48 मिलियन टन आलू आयात करने की मंजूरी दी है।

आपको बता दें कि हाथरस, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, बाराबंकी और उन्नाव सहित पूरी यूपी की आलू बेल्ट अब देश के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी मजबूती से पैर जमा रही है।यूपी का आलू अब सिर्फ खेती नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने वाला अंतरराष्ट्रीय अवसर बन चुका है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsAPEDAhathraskheti kisaniNews Potlipotato exportpotato farmeruttar pradeshyogi governmentखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs