News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. धान पर सब्सिडी जारी रही तो 2030 तक भारत को 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा: कृषि अर्थशास्त्री
एग्री बुलेटिन

धान पर सब्सिडी जारी रही तो 2030 तक भारत को 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा: कृषि अर्थशास्त्री

'अगर धान पर भारी सब्सिडी देने की मौजूदा सरकारी नीति जारी रही तो घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत को 2030 तक 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा।' कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी आगे यह भी कहते है

NP

Indal·Correspondent·12 Aug 2024· 3 min read

धान पर सब्सिडी जारी रही तो 2030 तक भारत को 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा: कृषि अर्थशास्त्री

धान पर सब्सिडी जारी रही तो 2030 तक भारत को 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा: कृषि अर्थशास्त्री

'अगर धान पर भारी सब्सिडी देने की मौजूदा सरकारी नीति जारी रही तो घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत को 2030 तक 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा।' कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी आगे यह भी कहते हैं कि किसानों को दाल की खेती के ल‍िए प्रोत्साहित करने की भी जरूरत है क्योंकि धान की तुलना में दालों की खेती में पानी की कम लगता है और ये अधिक पौष्टिक भी होती हैं।

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) के पूर्व अध्यक्ष गुलाटी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों को दालों और तिलहनों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए फसल प्रोत्साहन संरचना पर जोर दिया। दालों में आत्मनिर्भर बनने के सरकार के लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर गुलाटी ने संवाददाताओं से कहा, "अगर मौजूदा नीतियां जारी रहीं तो भारत को 2030 तक 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा।"

देश ने 2023-24 वित्तीय वर्ष में 47.38 लाख टन दालों का आयात किया। गुलाटी ने कहा, "नीतियों में बदलाव होने पर दालों में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।" वे राष्ट्रीय राजधानी में भारत दलहन सेमिनार 2024 के मौके पर इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) के कार्यक्रम में बोल रहे थे। आईपीजीए के चेयरमैन बिमल कोठारी ने कहा कि पिछले 3-4 सालों में देश में दालों का उत्पादन करीब 240-250 लाख टन रहा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में आयात बढ़कर 47 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में यह 24.96 लाख टन था। उन्होंने कहा कि 2030 तक दालों की मांग 400 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है।

यह भी पढ़ें- किसानों को 61 फसलों के ल‍िए 109 नई क‍िस्‍मों की सौगात, व‍िपरीत मौसम में भी होगा अच्‍छा उत्‍पादन

गुलाटी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की मौजूदा नीतियां धान की खेती के पक्ष में हैं, क्योंकि बिजली और उर्वरक जैसे इनपुट पर भारी सब्सिडी है।

दाल की खेती को प्रोत्‍साह‍ित करने की जरूरत

उन्होंने कहा, "हमारा अनुमान है कि पंजाब में धान की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 39,000 रुपए की सब्सिडी है। यह केंद्र और राज्य दोनों द्वारा बिजली और उर्वरकों पर सब्सिडी के रूप में दी जा रही है।" गुलाटी ने कहा कि दालों और तिलहन की खेती के लिए भी इसी तरह की सब्सिडी दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास बफर आवश्यकता से 3.5 गुना अधिक चावल का स्टॉक है। चावल की कई किस्मों पर प्रतिबंध के बावजूद देश ने पिछले वित्त वर्ष में 16 मिलियन टन चावल का निर्यात किया।

गुलाटी ने खाद्य फसलों में आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) तकनीक की अनुमति देने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक ने भारत को कपास उत्पादन में तेज वृद्धि हासिल करने में मदद की। खाद्य पदार्थ के निर्यात पर प्रतिबंध का भी विरोध किया और सुझाव दिया कि निर्यात शुल्क होना चाहिए। दाल ही नहीं, भारत घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में खाद्य तेलों का आयात करता है। खाना पकाने के तेल की 50 प्रतिशत से अधिक मांग आयात के माध्यम से पूरी होती है।

काम का वीड‍ियो

News Potli.
Clip & Share
“

— धान पर सब्सिडी जारी रही तो 2030 तक भारत को 80-100 लाख टन दालों का आयात करना पड़ेगा: कृषि अर्थशास्त्री

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Indal

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

Agribulletin
एग्री बुलेटिन

आलू किसानों को राहत से लेकर यूरिया की कीमत तक, इस हफ्ते की 6 बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में किसानों से जुड़ी कई अहम खबरें शामिल हैं। इसमें आलू किसानों को कोल्ड स्टोरेज शुल्क में राहत, यूरिया की कीमत, एथेनॉल उत्पादन, गन्ने में प्लासी बोरर का खतरा, मौसम का हाल और मक्का, गेहूं व तुअर के ताजा बाजार भाव की जानकारी मिलेगी।

News Potli·16 Aug 2026
Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें
एग्री बुलेटिन

Agribulletin: नकली बीज-खाद से लेकर सोयाबीन रिसर्च और एथेनॉल नीति तक, जानिए खेती की बड़ी खबरें

इस हफ्ते के Agribulletin में खेती-किसानी से जुड़ी कई अहम खबरों पर नजर डालेंगे। नकली बीज-खाद की शिकायत की हेल्पलाइन से लेकर Draft Seeds Bill 2025, भारत-अमेरिका की सोयाबीन रिसर्च, अरहर के T2T जीनोम और एथेनॉल नीति के अपडेट जानेंगे। साथ ही अलग-अलग राज्यों की किसान योजनाओं, मंडी भाव, फसल उत्पादन और मॉनसून की ताजा स्थिति की पूरी जानकारी मिलेगी।

Pooja Rai·09 Aug 2026
Agribulletin
एग्री बुलेटिन

MSP घोटाले से PM-Kisan तक, इस हफ्ते की 5 बड़ी कृषि खबरें Agri Bulletin में देखिए

इस हफ्ते के Agribulletin में कृषि जगत की बड़ी खबरें देखिए

Pooja Rai·02 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs