गर्मियों में पशुओं को क्या खिलाए जिससे उनकी सेहत अच्छी बनी रहे और वो सही मात्रा में दूध भी दे।कम दूध देने की वजह से पशुपालकों को काफ़ी नुकसान का सामना करना पड़ता है।
पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। इससे इंसान के साथ-साथ पशुओं को भी परेशानी ही रही है, क्योंकि इस भीषण गर्मी और लू की वजह से पशुओं ने दूध देना कम कर दिया है। जिसकी वजह से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए गर्मी के मौसम में पशुपालकों को पशुओं के ख़ान -पान का विशेष ध्यान देना होगा जिससे की वो स्वस्थ भी रहें और सही मात्रा में दूध भी दें।
गर्मी में ज्वार का चारा होता है फ़ायदेमंद
गर्मी के सीजन में पशुपालकों को अपने पशुओं के खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में पशुओं को हरा चारा खिलाना चाहिए, जिससे उनकी सेहत अच्छी बनी रहे। ऐसे में गर्मी के दिनों में पशुओं के लिए ज्वार का चारा सबसे बेहतर होता है। ज्वार का चारा खिलाने से पशुओं को काफी फायदा मिलता है। ज्वार का चारा पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ ही स्वादिष्ट, पौष्टिक और उत्तम पशु चारा माना जाता है।
कितनी मात्रा में खिलाएं ज्वार चारा
पशु विशेषज्ञों की मानें तो अधिक गर्मी पड़ने पर पशुपालकों को एक पौष्टिक आहार के रूप में पशुओं को ज्वार का चारा खिलाना चाहिए।लेकिन खिलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। पशुओं को ज्वार का चारा सही मात्रा में ही खिलाना चाहिए। खिलाते समय इस बात का ध्यान रहे कि 10 किलो भूसा के साथ 4 से 5 किलो ज्वार का इस्तेमाल करें। ये भी ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में ज्वार न खिलाएं क्योंकि पशु बीमार भी पड़ सकते हैं। सही मात्रा में अगर ज्वार का सेवन जानवरों को कराया जाए तो दूध अच्छा देने के साथ उनका भूख भी काफी बढ़ता है।
ये भी देखें-
गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन की कमी को दूर करना है तो पशुओं को ये खिलायें
गर्मियों में पशुओं को क्या खिलाए जिससे उनकी सेहत अच्छी बनी रहे और वो सही मात्रा में दूध भी दे।कम दूध देने की वजह से पशुपालकों को काफ़ी नुकसान का सामना करना पड़ता है। पूरा उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी
Pooja Rai· Correspondent
29 मई 2024· 2 min read
और पढ़ें.

बजट 2026-27 में पशुपालकों पर खास फोकस, निजी क्षेत्र में पशु-चिकित्सा को मिलेगा प्रोत्साहन
बजट 2026-27 में पशुपालकों के लिए खास प्रावधान किए गए हैं। पशु-चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने, पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने और निजी क्षेत्र को सब्सिडी के जरिए प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया ह

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?
भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं—जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल

सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र
उत्तर प्रदेश में हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं के लिए सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी। ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे। इससे पशुओं के इ
