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कृषि मंत्री ने रबी सीजन की तैयारी पर दिया जोर, वाराणसी-मिर्जापुर सेमिनार में कही ये बात

वाराणसी और मिर्जापुर मंडल में रबी उत्पादन गोष्ठी-2025 का आयोजन हुआ, जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में कई अहम बातें कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने डीएपी के दाम 11 सालों से नहीं

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Pooja Rai· Correspondent

13 नवंबर 2025· 4 min read

कृषि मंत्री ने रबी सीजन की तैयारी पर दिया जोर, वाराणसी-मिर्जापुर सेमिनार में कही ये बात

कृषि मंत्री ने रबी सीजन की तैयारी पर दिया जोर, वाराणसी-मिर्जापुर सेमिनार में कही ये बात

वाराणसी और मिर्जापुर मंडल में रबी उत्पादन गोष्ठी-2025 का आयोजन हुआ, जिसमें कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों के हित में कई अहम बातें कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने डीएपी के दाम 11 सालों से नहीं बढ़ने दिए और बीज-खाद की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

वाराणसी और मिर्जापुर मंडल में रबी सीजन को लेकर संयुक्त मंडलीय रबी उत्पादन गोष्ठी-2025 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही शामिल हुए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार लगातार किसानों की समस्याओं को हल करने में जुटी है। पिछले 11 सालों में डीएपी के दाम नहीं बढ़ने दिए गए हैं, और किसानों को समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।

25 नवंबर तक गेहूं की बुवाई पूरी करने पर जोर
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को अनुदानित बीज जल्दी से जल्दी मिलें ताकि 25 नवंबर तक गेहूं की बुवाई पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि जब फसलें सही समय पर बोई जाती हैं, तभी अच्छी पैदावार मिलती है। पश्चिमी यूपी में किसान समय पर बुवाई करते हैं, इसलिए वहां की उत्पादकता अधिक है। पूरब के किसानों को भी यही तरीका अपनाना चाहिए।

राज्य में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण
शाही ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब सरसों की उपज 36 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो पहले सिर्फ 14 लाख टन थी। सरकार लगातार किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दाल और तेल के लिए अभी भी हम आयात पर निर्भर हैं, इसलिए किसानों को दलहन और तिलहन फसलों की खेती बढ़ानी चाहिए। उन्होंने गन्ना खेतों में खाली जगह पर सरसों बोने की सलाह दी।

राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में इस समय 12.5 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने सभी अधिकारियों को उर्वरक की स्थिति की निगरानी करने को कहा। साथ ही, किसानों को सलाह दी कि वे खाद का इस्तेमाल वैज्ञानिकों के बताए अनुसार ही करें, ज्यादा खाद डालने से मिट्टी की सेहत खराब होती है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही।

ये भी पढ़ें - 86% किसान अब भी तकनीक से वंचित, रिपोर्ट ने सुझाए बड़े सुधार के रास्ते

धान खरीद केंद्र जल्द खुलेंगे
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान खरीद केंद्र जल्द से जल्द शुरू किए जाएं ताकि किसानों को फसल बेचने में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि चना और मसूर की खरीद भी सरकारी केंद्रों पर की जाएगी। सरकार मोटे अनाजों को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि भारत का अनाज पूरी दुनिया में पहुंचे।

डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई पर सब्सिडी पर विचार
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि डीएसआर पद्धति से धान की बुवाई करने वाले किसानों को सब्सिडी देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, किसानों की बैंकिंग और निवेश संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए विभाग जल्द बैठक करेगा।

यूपी एग्रीज प्रोजेक्ट और सहकारी समितियों का विस्तार
दीपक कुमार ने बताया कि यूपी एग्रीज प्रोजेक्ट के जरिए फसलों की पैदावार बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने बताया कि प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या 6900 से बढ़कर 8100 हो गई है। इफको से खाद लेने पर किसानों को बीमा की सुविधा भी दी जा रही है, जिसमें दुर्घटना की स्थिति में एक लाख रुपये की मदद मिलती है।

वाराणसी के 4300 किसानों को मिला बीमा क्लेम
कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वाराणसी जिले के 4300 किसानों को करीब 99 लाख रुपये का बीमा क्लेम मिला है। उन्होंने किसानों को विभाग की योजनाओं की जानकारी दी और उनकी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।

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