Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक बहुत बड़ा प्रयास– कृषि मंत्री चौहान

कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक बहुत बड़ा प्रयास है। यह देश अपना है, माटी अपनी है, किसान अपने हैं, हमारा उद्देश्य किसानों की खेती को फायदे में बदलना, खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना

NP

Pooja Rai· Correspondent

20 मई 2025· 4 min read

उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक बहुत बड़ा प्रयास– कृषि मंत्री चौहान

उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक बहुत बड़ा प्रयास– कृषि मंत्री चौहान

कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ एक बहुत बड़ा प्रयास है। यह देश अपना है, माटी अपनी है, किसान अपने हैं, हमारा उद्देश्य किसानों की खेती को फायदे में बदलना, खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना, देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, अनाज, दालें, फल, सब्जियों उनके भंडार भरना और पोषणयुक्त आहार देश की जनता को उपलब्ध कराना है। ये बातें शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल मीटिंग में राज्यों के कृषि मंत्रियों से कही।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कृषि भवन से वर्चुअल माध्यम से राज्यों के कृषि मंत्रियों से बातचीत की और आगामी ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ को सफल बनाने का आह्वान किया। चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों को 29 मई से 12 जून तक चलने वाले इस देशव्यापी अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक किसानों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लगभग आधी आबादी की आजीविका कृषि पर आधारित है और हमें इनकी आजीविका को सुनिश्चित करने का प्रयास लगातार जारी रखना होगा। धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए अच्छी उपयोगी स्थिति में बचाकर रखना भी आवश्यक है। मुझे खुशी है कि इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें बेहतर काम कर रही हैं।

ये भी पढ़ें - ‘अब देश का पानी देश के काम आएगा..’ कृषि मंत्री चौहान ने सिंधु नदी के पानी का कृषि में उपयोग करने की बात कही

इस साल रिकॉर्ड स्तर पर उत्पादन हुआ
चौहान ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इस साल रिकॉर्ड स्तर पर उत्पादन हुआ है। चाहे चावल हो, धान हो, मक्का हो यहां तक कि दाल-दलहन, तिलहन में भी हमने उत्पादन बढ़ाकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। जिसके लिए मैं सभी राज्यों और कृषि मंत्रियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस लक्ष्य की पूर्ति साझा प्रयत्नों से हुई है। चौहान ने कहा कि अभी रूकना नहीं है बल्कि इस उपलब्धि से और आगे बढ़ना है। केंद्र और राज्य सरकारों के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी संस्थान, विभाग, विश्वविद्यालय व अन्य संसाधनों के आपसी तालमेल से काम करने से सफलता की नई ऊंचाइयां अर्जित की जा सकती है। साझा समन्वय के साथ एक दिशा में काम करने से खेती में चमत्कार हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘लैब टू लैंड’ विजन को साकार करने के उद्देश्य से ही ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की रूपरेखा तय की गई है। इसलिए विकसित भारत के लिए ही विकसित कृषि संकल्प अभियान बनाया गया है। यह अभियान किसानों की सेवा के लिए है। हमारे देश की खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। मैंने हमेशा कहा कि किसानों की सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है। किसानों की हितों की पूर्ति की बड़ी जिम्मेदारी राज्यों के ऊपर है इसलिए मेरी अपील है कि मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

2,170 वैज्ञानिकों की टीमों का गठन किया गया
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के सम्मिलित प्रयास से होगा। इस अभियान के अंतर्गत वैज्ञानिकों की टीम देशव्यापी स्तर पर गांव-गांव जाकर किसानों को प्रशिक्षित करने का काम करेंगी। इसके लिए 2,170 वैज्ञानिकों की टीमों का गठन किया गया है। इस अभियान में दो तरफा संवाद होगा, एक ओर वैज्ञानिक किसानों को शोध और तकनीक की जानकारी देंगे, वहीं दूसरी ओर किसानों से खेती में आ रही समस्याओं की जानकारी भी लेंगे व समाधान के रास्ते भी बताएंगे। आगे की शोध की दिशा भी तय करेंगे।

चौहान ने सभी राज्यों से ‘एक राष्ट्र, एक कृषि, एक टीम’ की धारणा से आगे बढ़ते हुए इसी खरीफ की बुआई से पहले उत्पादन बढ़ाने की दिशा में इस अभिनव अभियान को समर्पित मन से सफल बनाने की अपील की। बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ये देखें -

NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min