राष्ट्रीय दलहन क्रांति

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए विशेष पैकेज, उन्नत बीज, सीड हब और बेहतर फसल बीमा की मांग की है।

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बिहार की मंडियां बनेंगी सुपर बाजार

किसानों को मिलेगा सही दाम, बिहार की मंडियां बनेंगी सुपर बाजार

बिहार सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए कृषि रोड मैप 2023-28 के तहत मंडियों को आधुनिक बना रही है। राज्य की 53 में से 22 मंडियों को ‘सुपर बाजार’ की तरह विकसित किया जा रहा है, ताकि किसान सीधे बाजार से जुड़ सकें और बिचौलियों की भूमिका घटे। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती की व्यवस्था मजबूत होगी।

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ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

किसानों से लेकर महिलाओं तक को फायदा, ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

पटना के बिहटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से राज्य के फल-सब्जियों के निर्यात को नई रफ्तार मिली है। इस तकनीक से आम, लीची, केला, मखाना और आलू जैसे कृषि उत्पाद बैक्टीरिया और कीटों से मुक्त होकर 3 से 6 महीने, कुछ मामलों में एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। इससे बिहार के उत्पाद अब सीधे खाड़ी देशों, जापान और नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस पहल से किसानों को बेहतर दाम, निर्यात में नुकसान कम और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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राष्ट्रीय मखाना समृद्धि

राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बिहार के मखाना उत्पादन को और मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन किया। इसमें बीज की गुणवत्ता बढ़ाने, क्लस्टर आधारित खेती, मशीनों की उपलब्धता और मखाना मजदूरों को लेबर कार्ड देने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए किसानों व उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति पर सहमति बनी।

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025

बिहार चुनाव से पहले एनडीए का बड़ा वादा, किसानों को हर साल ₹9000 और एक करोड़ रोजगार

बिहार चुनाव 2025 से पहले एनडीए ने अपना “संकल्प पत्र” जारी किया है, जिसमें किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। किसानों को “कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि” के तहत हर साल अतिरिक्त ₹3000 देने का वादा किया गया है, जिससे उन्हें कुल ₹9000 सालाना मिलेंगे। एनडीए ने एक करोड़ नौकरियां, ‘मेड इन बिहार’ अभियान के तहत कृषि निर्यात बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण के लिए ₹2 लाख सहायता जैसी योजनाओं की घोषणा की है। हालांकि, फसल मुआवजा, मुफ्त बिजली और बीमा जैसे किसानों के पुराने मुद्दों पर कोई नई पहल नहीं की गई है।

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बिहार

बिहार बना देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य

बिहार ने शहद उत्पादन में तेजी दिखाई है और 2023-24 में 18,030 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन कर देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन गया। इससे हजारों लोगों को रोजगार और बेहतर आजीविका मिली है। लीची, सरसों, महुआ और जामुन की फसलों से उच्च गुणवत्ता वाला शहद तैयार होता है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और 75–90% अनुदान से मधुमक्खी पालन में नए किसान भी जुड़ रहे हैं।

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गोबर से कमाई

गोबर से कमाई, NDDB 6 राज्यों में लगाएगी 15 बायोगैस प्लांट

एनडीडीबी (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) 6 राज्यों गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा और बिहार में 15 बड़े बायोगैस प्लांट लगाने जा रहा है। इन पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। किसान अपना गोबर इन प्लांट्स को देंगे और इसके बदले उन्हें प्रति किलो 1 रुपये तक मिलेगा। हर प्लांट रोज 100 टन गोबर से गैस बनाएगा, जिसे बायो-CNG और अन्य ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

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पीएम मोदी

बिहार को पीएम मोदी की 36,000 करोड़ की सौगात, मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को लगभग 36,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना, 25,000 करोड़ की थर्मल पावर परियोजना, कोसी-मेची नदी जोड़ योजना, कई रेलवे परियोजनाएँ, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत, गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, और महिला समूहों को 500 करोड़ रुपये का फंड शामिल है।

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बिहार के कैमूर ज़िले के किसान रविशंकर सिंह को खेती विरासत में मिली। 80 एकड़ में खेती कर रहे बिहार के इस किसान ने एकीकृत मॉडल अपनाया। आज उनका सालना टर्नओवर करीब 1 करोड़ रुपये का है।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग से कैसे एक करोड़ कमा रहा बिहार का किसान ?

बिहार के कैमूर ज़िले के किसान रविशंकर सिंह को खेती विरासत में मिली। 80 एकड़ में खेती कर रहे बिहार के इस किसान ने एकीकृत मॉडल को अपनाया। आज उनका सालना टर्नओवर करीब 1 करोड़ रुपये का है। गांव में रहकर खुशहाली और समृद्धि का सबसे सशक्त रास्ता अगर कोई है, तो वो है खेत,…

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बिहार के समस्तीपुर के किसान सुधांशु कुमार के खेत में अलग-अलग फसल के करीब डेढ़ लाख पौधे लगे हैं, और वो उससे करीब 3 करोड़ रुपये सालाना की कमाई करते हैं।

बिहार का सबसे अमीर और हाइटेक किसान, CEO से ज्यादा कमाई

बिहार के समस्तीपुर के किसान सुधांशु कुमार के खेत में अलग-अलग फसल के करीब डेढ़ लाख पौधे लगे हैं, और वो उससे करीब 3 करोड़ रुपये सालाना की कमाई करते हैं। उनका खेत पूरा टेक्नोलैब है। खेती से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा उपकरण हो, जो उनके खेत में आपको ना मिले। पिछले कुछ सालों…

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