राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन को मंजूरी, सात वर्षों में तिलहन उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (एनएमईओ -तिलहन) को मंजूरी दी है, जो घरेलू तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल है। मिशन को 10,103 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 2024-25 से 2030-31 तक की सात साल की अवधि में लागू किया जाएगा।

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केंद्रीय कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान..झारखंड के किसानों को प्रति एकड़ 5000 रुपये देंगे और धान का दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का भी किया वादा

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झारखंड(Jharkhand) को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर झारखंड में बीजेपी की सरकार आती है तो किसानों को पाँच एकड़ तक के लिए सालाना 5000 रुपए प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी और किसानों से 3100 रुपए प्रति एकड़ की रेट से धान की ख़रीद की जायेगी।

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केंद्र ने 14 बाढ़ प्रभावित राज्यों के राहत के लिए जारी किए 5,858 करोड़ की धनराशि, बिहार को मिला 655.60 करोड़

देश में कुल 14 बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए गृह मंत्रालय की ओर से राहत राशि जारी की गई है।मंत्रालय ने इन राज्यों को राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) से कुल 5,858.60 करोड़ रुपये दी, जिसमें बिहार को बाढ़ से बदहाली से राहत के लिए केंद्र ने 655.60 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है। 


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बदलाव संस्था की ‘भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान’ के तहत लखनऊ में 485 भिखारी भीख माँगना छोड़कर करने लगे रोज़गार, लेकिन ये हुआ कैसे?

लखनऊ में बदलाव संस्था द्वारा संचालित ‘भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान’ के 2 अक्टूबर को 10 साल पूरे हुए. इस संस्था द्वारा अबतक भीख मांगने के काम में जुड़े 485 लोगों को पुनर्वास किया.

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पंजाब में पराली जलाने पर होगी कड़ी कारवाई, राज्य सरकार ने नियुक्त किए 8 हजार से ज्यादा नोडल अधिकारी

पंजाब सरकार ने राज्य में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और पराली के सुचारू प्रबंधन के लिए 8045 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है।पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने धान की कटाई के मौसम में पराली जलने की घटनाओं को रोकने के लिए 79 एसडीएम, 108 तहसीलदार, 108 डीएसपी, 1140 क्लस्टर अधिकारियों और अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।

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आज से शुरू होगी गन्ना बीज की ऑनलाइन बुकिंग, ICAR -IISR, लखनऊ ने जारी किए निर्देश, ऐसे मिलेगा किसानों को गन्ना बीज

शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए 15 सितंबर से अक्टूबर तक का समय सबसे बेहतर माना जाता है।सितम्बर में जब वर्षा समाप्त हो जाती है और ठंड शुरू हो रही होती है, तो उस वक्त गन्ने का बुवाई कार्य शुरू कर देना चाहिए. इससे गन्ने की अच्छी ग्रोथ के साथ बेहतर उपज मिलती है। लेकिन गन्ने की बुवाई के लिए गन्ने के बीज का चुनाव बहुत ज़रूरी है।

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मध्य प्रदेश: बारिश से अंकुरित होने लगी सोयाबीन, किसान बोले- मुआवजा और फसल बीमा से भरपाई करे सरकार

मध्य प्रदेश के मंदसौर, रतलाम, देवास और नीमच समेत कई जिलों में 28-30 सितंबर तक कई इलाकों में सोयाबीन की फसलें डूबी नजर आईँ। किसान घुटने-घुटने तक पानी में फसल को बचाने के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दिए। अंचल क्षेत्र के किसानों का कहना है उनकी 80 फीसदी फसल का नुकसान हो चुका है।

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Photo : News Potli

बुन्देलखंड का करेला किंग

उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में फैला बुंदेलखंड भारत के सबसे ज़्यादा सूखा ग्रस्त इलाक़ों में से एक है, पानी की कमी, बदलते मौसम की मार, बंजर ज़मीनें यहाँ के किसानों की सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन चित्रकूट ज़िले के मऊ तहसील में रहने वाले किसान इंद्र कुमार मौर्य की खेती में सफलता कुछ और कहानी कहती है।

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बागवानी फसलों का उत्पादन: देश में सेब के उत्पादन में कमी तो टमाटर से लेकर फूल गोभी तक में बढ़ोतरी की उम्मीद

देश में बाग़वानी फसलों का उत्पादन पिछले साल की तुलना में इस साल कम होने की आशंका है। साल 2023-24 में उत्पादन 353.19 मिलियन टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 0.65 फीसदी कम है। दरअसल सरकार ने शनिवार को तीसरी तिमाही के आंकड़े जारी किए हैं, उसी में इसकी जानकारी दी गई है।

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यूपी: 16 अक्टूबर को शाहजहांपुर में होगा मिठास मेला, नई किस्मों के मिलेंगे बीज

अगर आप गन्ना किसान हैं तो आपके लिए अच्छा मौका है, 16 अक्टूबर को शाहजहांपुर में होने वाले मिठास मेले में आपको कई नई किस्मों के बीज मिल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर परिषद के निदेशक एवं अपर गन्ना आयुक्त (विकास) वी.के. शुक्ल ने बताया कि इस मेले का लक्ष्य शरद कालीन गन्ने की खेती को बढ़ावा देना और किसानों को नई तकनीक से रुबरु कराना है।

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