बिहार का कृषि लेखा-जोखा

अनाज उत्पादन बढ़ा, चावल पीछे छूटा: बिहार का कृषि लेखा-जोखा

बिहार सरकार मंगलवार को 2026–27 का करीब 3.70 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करेगी। बजट से पहले आए आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि पर खास जोर दिखा है। अनाज उत्पादन बढ़ा है, लेकिन चावल की उत्पादकता घटी है, जबकि गेहूं और मक्का में ज्यादा वृद्धि हुई है। सरकार ने 2031 तक मखाना की खेती का रकबा 70 हजार हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और बागवानी व उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात कही है। हालांकि आम और लीची के क्षेत्रफल में बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है।

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बिहार की मंडियां बनेंगी सुपर बाजार

किसानों को मिलेगा सही दाम, बिहार की मंडियां बनेंगी सुपर बाजार

बिहार सरकार किसानों को फसल का सही दाम दिलाने के लिए कृषि रोड मैप 2023-28 के तहत मंडियों को आधुनिक बना रही है। राज्य की 53 में से 22 मंडियों को ‘सुपर बाजार’ की तरह विकसित किया जा रहा है, ताकि किसान सीधे बाजार से जुड़ सकें और बिचौलियों की भूमिका घटे। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती की व्यवस्था मजबूत होगी।

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ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

किसानों से लेकर महिलाओं तक को फायदा, ई-रेडिएशन सेंटर से बढ़ा निर्यात और रोजगार

पटना के बिहटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से राज्य के फल-सब्जियों के निर्यात को नई रफ्तार मिली है। इस तकनीक से आम, लीची, केला, मखाना और आलू जैसे कृषि उत्पाद बैक्टीरिया और कीटों से मुक्त होकर 3 से 6 महीने, कुछ मामलों में एक साल तक सुरक्षित रह सकते हैं। इससे बिहार के उत्पाद अब सीधे खाड़ी देशों, जापान और नेपाल जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। इस पहल से किसानों को बेहतर दाम, निर्यात में नुकसान कम और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

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मिथिला मखाना

कृषि निर्यात में बिहार की बड़ी कामयाबी, मिथिला मखाना पहुंचा दुबई

बिहार से पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई को निर्यात किया गया है। पूर्णिया जिले से भेजी गई 2 मीट्रिक टन की यह खेप कृषि निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे किसानों को बेहतर दाम, नए बाजार और बिहार की वैश्विक पहचान को मजबूती मिलेगी।

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शहद से समृद्धि

शहद से समृद्धि: बिहार में शहद उत्पादन में 177% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

बिहार में पिछले 10 साल में शहद उत्पादन 177% बढ़ा है। राज्य सरकार नई मधु नीति लाकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करेगी। 2024 में देश के कुल शहद उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 12.30% रही। मधुमक्खी पालन योजना से किसानों, महिलाओं और युवाओं को कम लागत में रोजगार और अतिरिक्त आय मिल रही है।

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कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली को मंजूरी

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले, कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली को मंजूरी

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने कैबिनेट बैठक में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी। कृषि विभाग में 694 और डेयरी–मत्स्य–पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली को हरी झंडी मिली। शिक्षा, पॉलिटेक्निक और पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों के लिए बड़े बजट को मंजूरी दी गई। दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क, मुंबई में बिहार भवन, जेलों में सीसीटीवी और कई प्रशासनिक फैसलों के जरिए राज्य के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

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बिहार सरकार की किसानों को बड़ी राहत

किसानों को मिलेगा सस्ता कृषि लोन, बिहार सरकार देगी 1% अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी

बिहार सरकार ने किसानों को सस्ता कृषि लोन देने के लिए कृषि विभाग और नाबार्ड के बीच समझौता किया है। वित्त वर्ष 2025–26 में किसानों को केंद्र की 3% ब्याज सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की 1% अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। यह लाभ 3 लाख रुपये तक के फसल लोन, केसीसी और अल्पावधि कृषि लोन पर मिलेगा।

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वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

टमाटर किसानों को मिलेगा सही दाम और समय पर भुगतान, वेजफेड खरीदेगा 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर

बिहार में वेजफेड को 20 हजार मीट्रिक टन टमाटर की सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई है। टमाटर की खरीद सीधे किसानों से होगी और उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा। इससे बिचौलियों की भूमिका घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। यह पहल सब्जी किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।

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कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

ठंड बढ़ते ही रबी फसलों के लिए अलर्ट, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की एडवाइजरी

बिहार में बढ़ती ठंड को देखते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने दिसंबर के लिए किसानों को एडवाइजरी जारी की है। वैज्ञानिकों ने गेहूं की बुआई 25 दिसंबर तक पूरी करने, राई और मक्का में सही दूरी व संतुलित खाद देने की सलाह दी है। सब्जियों, खासकर टमाटर में कीटों पर निगरानी रखने और समय पर नियंत्रण करने को कहा गया है।

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राष्ट्रीय मखाना समृद्धि

राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन का आयोजन, बीज गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

बिहार के मखाना उत्पादन को और मजबूत बनाने के लिए कृषि विभाग ने “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” का आयोजन किया। इसमें बीज की गुणवत्ता बढ़ाने, क्लस्टर आधारित खेती, मशीनों की उपलब्धता और मखाना मजदूरों को लेबर कार्ड देने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन के जरिए किसानों व उद्यमियों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति पर सहमति बनी।

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