केले की फसल

ठंड और पाले से केले की फसल को कैसे बचाएं? जानिए 4 आसान उपाय

कड़ाके की ठंड और पाले से केले की फसल को नुकसान हो सकता है। केले के विशेषज्ञ राहुल भारम्बे के मुताबिक समय पर सिंचाई, खेत में धुआं, चारों ओर विंडब्रेक और ठंड के मौसम में भी सही मात्रा में खाद व माइक्रोन्यूट्रिएंट देने से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और अच्छी पैदावार ली जा सकती है।

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भारत का 25% केला उत्पादन अब महाराष्ट्र से

भारत का 25% केला उत्पादन अब महाराष्ट्र से, किसानों के लिए बड़ा मौका

महाराष्ट्र में इस साल केले की खेती तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती मांग, बेहतर कीमत और निर्यात के नए अवसरों की वजह से किसान बड़ी संख्या में केले की तरफ रुख कर रहे हैं। Crisil–APEDA की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र जल्द ही भारत के कुल केले उत्पादन में 25% हिस्सा देने वाला सबसे बड़ा राज्य बन सकता है। इस साल पहली बार केले का आर्थिक मूल्य आम से ज्यादा दर्ज किया गया है। हालांकि कई जगह किसानों को अब भी कम दाम मिल रहे हैं, लेकिन निर्यात और प्रीमियम G9 किस्म की बढ़ती मांग किसानों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है।

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बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

यूपी के बहराइच के किसान जय सिंह 1983 से प्राकृतिक तरीकों से केले की खेती कर रहे हैं। वे गोबर की खाद, ढेंचा की ग्रीन मैन्यूरिंग और सोलराइजेशन तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ और कीटों से मुक्त रहती है। उनकी विधि से केले की फसल 75–80 दिनों में तैयार होती है और उपज बेहतर मिलती है। जय सिंह की तकनीक कम लागत, अधिक मुनाफा और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन उदाहरण है।

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केला किसानों की दुर्दशा

केला किसानों की दुर्दशा: बाजार में महंगा, खेतों में सस्ता

साल 2025 में केला किसानों की हालत खराब है। बाजार में केला 60–70 रुपये दर्जन बिक रहा है, जबकि किसानों को केवल 7 रुपये किलो मिल रहा है। लागत 800–900 रुपये क्विंटल होने के बावजूद दाम 700–800 रुपये क्विंटल तक गिर गए हैं। इसके कई वजहें हैं। अब सवाल बना हुआ है कि जब किसान को इतना कम दाम मिल रहा है तो उपभोक्ता को केला सस्ता क्यों नहीं मिलता?

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