यूपी में MSP पर फसल बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू
उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में MSP पर फसल बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस बार धान, मक्का, बाजरा, ज्वार और श्रीअन्न सरकारी खरीद में शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में MSP पर फसल बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इस बार धान, मक्का, बाजरा, ज्वार और श्रीअन्न सरकारी खरीद में शामिल हैं।
रबी सीजन में खाद की मांग 4% बढ़कर 37.87 मिलियन टन रहने का अनुमान है। इसमें यूरिया 19.61, डीएपी 5.34, एमओपी 1.57, कॉम्प्लेक्स 8.24 और एसएसपी 3.12 मिलियन टन की जरूरत होगी। पिछले साल की तुलना में यह मांग ज्यादा है। सरकार के पास अभी 3.25 मिलियन टन यूरिया स्टॉक है और अक्टूबर तक 2 मिलियन टन आयात की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन पर भावांतर योजना लागू करने का ऐलान किया है। किसानों को मंडी भाव और MSP के बीच का अंतर सरकार देगी। MSP ₹5,328 है जबकि मंडियों में औसत भाव ₹4,100 के आसपास है। किसान नेता केदार सिरोही ने योजना पर आपत्ति जताई और 2017 के अनुभव याद दिलाए, जब किसानों को पूरा लाभ नहीं मिला और दाम गिर गए थे। उन्होंने मांग की है कि सरकार किसानों की राय लेकर सीधे MSP पर खरीद सुनिश्चित करे।
साल 2025 में केला किसानों की हालत खराब है। बाजार में केला 60–70 रुपये दर्जन बिक रहा है, जबकि किसानों को केवल 7 रुपये किलो मिल रहा है। लागत 800–900 रुपये क्विंटल होने के बावजूद दाम 700–800 रुपये क्विंटल तक गिर गए हैं। इसके कई वजहें हैं। अब सवाल बना हुआ है कि जब किसान को इतना कम दाम मिल रहा है तो उपभोक्ता को केला सस्ता क्यों नहीं मिलता?
भारत और रूस ने नई दिल्ली में हुई बैठक में कृषि और व्यापार सहयोग को और मज़बूत करने पर सहमति जताई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव ने कृषि उत्पादों के व्यापार, तकनीकी सहयोग, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर चर्चा की। दोनों देशों ने एमओयू के ज़रिए साझेदारी औपचारिक करने और किसानों की भलाई व खाद्य सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित पंजाब, हिमाचल और उत्तराखंड के किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। लगभग 27 लाख किसानों को 540 करोड़ रुपये की राशि सीधे खातों में मिली। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह मदद किसानों को तुरंत राहत देगी और रबी सीजन की तैयारी में सहायक होगी।
पंजाब के कपास किसानों को CCI की खरीद शुरू न होने से MSP से कम दाम में फसल बेचने की मजबूरी है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि केंद्र के वादे खोखले साबित हो रहे हैं। इस साल पंजाब में कपास का क्षेत्रफल 20% बढ़ा है। मंत्री ने CCI से तुरंत मंडियों में खरीद शुरू करने और किसानों का भरोसा बनाए रखने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है कि पीली मटर के आयात को रोकना चाहिए या नहीं। किसान संगठन का कहना है कि सस्ती पीली मटर के आयात से तूर, मूंग और उड़द जैसी दालों की फसल प्रभावित हो रही है। वकील प्रशांत भूषण ने बताया कि कई सरकारी रिपोर्टों ने आयात रोकने और देश में दाल उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है। कोर्ट ने बाजार में कमी और स्वास्थ्य प्रभाव पर भी सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के 30 जिलों में करीब 70 लाख एकड़ फसलें प्रभावित हुई हैं, सोयाबीन और कपास सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरने ने किसानों को वित्तीय मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, किसान समूहों ने पूरे कर्ज माफ करने और व्यापक राहत पैकेज की मांग की है।
खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गेहूं और उससे बने उत्पादों का निर्यात नई फसल आने तक नहीं होगा और प्राथमिकता देश की खाद्य सुरक्षा है। वहीं, रोलर फ्लोर मिलर्स ने आटा, मैदा और सूजी के चरणबद्ध निर्यात की मांग की, साथ ही PDS के लिए पर्याप्त भंडारण और जीएसटी में राहत की अपील की। सरकार ने 2022 में निर्यात पर रोक लगाई थी, जबकि 2024-25 में रिकॉर्ड 1175 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।