गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ा

उत्तराखंड सरकार की बड़ी घोषणा, गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ा

उत्तराखंड सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है। अब अगैती किस्म 405 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म 395 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। पिछले साल कीमत क्रमशः 375 और 365 रुपये थी। यह निर्णय किसान संगठनों, चीनी मिलों और विभागों से बातचीत के बाद लिया गया है।

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प्राकृतिक खेती अब युवाओं की पसंद

प्राकृतिक खेती अब युवाओं की पसंद — पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत ने इस साल 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले 10 सालों में उत्पादन में 100 मिलियन टन की वृद्धि हुई है। उन्होंने कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी में युवाओं द्वारा अपनाई जा रही नेचुरल फार्मिंग की सराहना की। इस सम्मेलन का उद्देश्य रासायनिक रहित खेती, टिकाऊ मॉडल और किसानों को बाज़ार से जोड़ना था।

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Thar Jaivik 41 EC

Thar Jaivik 41 EC: सूखे क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर बायोपेस्टिसाइड

Thar Jaivik 41 EC राजस्थान के ICAR संस्थान द्वारा विकसित एक पेटेंटेड जैविक कीटनाशक है, जो तुम्बा और देशी गाय के मूत्र से बनाया गया है। यह हेलिकोवेर्पा, स्पोडोप्टेरा, व्हाइटफ्लाई और एफिड्स जैसे प्रमुख कीटों को नियंत्रित करता है, लेकिन फायदेमंद कीटों को नुकसान नहीं पहुंचाता।

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यूरिया और DAP की मांग तेज

यूरिया और DAP की मांग तेज, कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री घटी

नवंबर के पहले तीन हफ्तों में खाद की बिक्री पिछले साल की तुलना में 6% बढ़ी है। यूरिया की बिक्री सबसे ज्यादा 12% बढ़ी, जबकि DAP में 7% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहीं MOP की बिक्री स्थिर रही और कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री 5% घट गई।सरकार का कहना है कि देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, खासकर DAP का स्टॉक मांग से काफी ज्यादा है। रबी सीजन में गेहूं और सरसों की बुवाई बढ़ने के कारण खाद की मांग अब भी तेजी पर है।

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बाराबंकी के युवा किसान मयंक वर्मा की सफलता

कम संसाधनों से शुरुआत कर खेती में बनाई बड़ी पहचान, बाराबंकी के युवा किसान मयंक वर्मा की कहानी

बाराबंकी के युवा किसान मयंक वर्मा ने कम संसाधनों से शुरुआत करते हुए आधुनिक खेती अपनाई और सफलता पाई। 2016 में मचान विधि से लौकी की खेती कर सिर्फ 1 एकड़ में 5 लाख रुपये कमाए। अब वे 25 एकड़ में उन्नत और वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उनकी सब्जियां IAS अधिकारियों तक पहुंचती हैं और वे आसपास के किसानों व युवाओं को खेती में प्रेरित कर रहे हैं।

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बीज उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा 30% ज्यादा फायदा

बिहार सरकार की बड़ी पहल, बीज उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा 30% ज्यादा फायदा

बिहार सरकार की नई योजना में बीज उत्पादन करने वाले किसानों को MSP से 30% ज्यादा दाम मिलेगा। इसके लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कर फाउंडेशन या ब्रीडर सीड लेकर खेती करनी होगी। तैयार बीज जांच के बाद 10–15 दिनों में भुगतान किया जाएगा। यह योजना गेहूं, दलहन और तिलहन पर लागू है और इससे किसान ज्यादा कमाई कर सकेंगे।

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किसानों के लिए ICAR की जरूरी सलाह

पूर्वोत्तर में रबी मौसम में मूंगफली की खेती, किसानों के लिए ICAR की जरूरी सलाह

रबी सीजन में मूंगफली की बुवाई नवंबर मध्य से दिसंबर की शुरुआत तक करनी चाहिए। अच्छी किस्मों में TAG-73, कदरी लेपाक्षी और GG-39 शामिल हैं। बीज उपचार, संतुलित खाद, 5–6 सिंचाई और सही समय पर कीट-रोग नियंत्रण से उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ती है।

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कर्नाटक के 14 लाख किसानों को मिलेगा मुआवजा

कर्नाटक के 14 लाख किसानों को मिलेगा मुआवजा, DBT से भुगतान शुरू

कर्नाटक सरकार ने भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए 14.24 लाख किसानों को 1,033.6 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी देना शुरू कर दिया है। यह राशि DBT के जरिए सीधे खातों में भेजी जाएगी। सरकार ने सब्सिडी की राशि भी बढ़ा दी है, जिससे राज्य के 27 जिलों के किसान लाभान्वित होंगे। इस साल लगभग 14.58 लाख हेक्टेयर फसल खराब हुई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की है।

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पराली रहित खेती का मॉडल

पंजाब का रणसिंह कलां गांव बना पराली रहित खेती का मॉडल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के मोगा जिले के रणसिंह कलां गांव का दौरा किया और किसानों को छह साल से पराली न जलाने और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने के लिए सराहा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल पूरे देश में लागू किया जाएगा। गांव के किसान डायरेक्ट सीडिंग, हैप्पी सीडर और अवशेष प्रबंधन जैसी तकनीकों से बिना आग लगाए खेत तैयार कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ी है और पानी व खाद की बचत हो रही है।

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खेती में ग्रीन फ्यूल और आधुनिक मशीनरी पर सरकार का जोर

2047 की तैयारी, खेती में ग्रीन फ्यूल और आधुनिक मशीनरी पर सरकार का जोर

भारत सरकार खेती में ग्रीन फ्यूल आधारित मशीनों को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है ताकि 2047 तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक बन सके। कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि आने वाले 5–10 सालों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और CBG से चलने वाली मशीनों पर जोर दिया जाएगा, जिससे किसानों की लागत कम होगी और खेती पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।

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