ऊटी लहसुन: कम लागत में ज्यादा पैदावार, लहसुन की इस खास किस्म के बारे में सब कुछ जानिए
मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक विशेष किस्म के लहसुन की खेती. इसका नाम है ऊंटी लहसुन. इससे खाने में स्वाद का तड़का तो लगता ही है किसानों को आमदनी भी खूब होती है.
मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक विशेष किस्म के लहसुन की खेती. इसका नाम है ऊंटी लहसुन. इससे खाने में स्वाद का तड़का तो लगता ही है किसानों को आमदनी भी खूब होती है.
धान खरीफ सीजन की प्रमुख फसल है। और देश के लगभग सभी राज्यों में इसकी खेती होती है। उत्तर प्रदेश में भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। प्रदेश में इस समय किसानों ने बड़े स्तर पर धान की फसल लगाई हुई है। लेकिन, अब कई जगह किसानों के सामने फसल में बकानी…
पंजाब के राइस मिल मालिकों ने पिछले साल किसानों से धान तो खरीद लिया लेकिन नियमानुसार जब धान की कुटाई कर के सरकार को चावल बेचा जाना था, वह प्रक्रिया फॉलो नहीं हो सकी. राज्य के राइस मिल मालिकों ने धमकी दी है कि इस बार अक्टूबर में जब धान की खरीद होगी तो वो और धान नहीं खरीद सकेंगे.
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में नेचुरल फार्मिंग(Natural Farming) को बढ़ावा देने के लिए हिम-उन्नति(HIM-UNNATI) योजना लॉन्च की है। इस योजन के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिससे प्रदेश के करीब दो लाख किसानों को फायदा होगा। इस योजना का फ़ायदा राज्य के छोटे किसानों और पहले से ही नेचुरल फार्मिंग कर रहे किसानों को मिलेगा।
वरिष्ठ आईएएस देवेश चतुर्वेदी को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भारतीय प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी देवेश चतुर्वेदी को भारत सरकार ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय में कृषि सचिव नियुक्त किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक़ फेस्टिव सीजन से पहले चना दाल की कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। देश में सबसे अधिक खपत वाली दाल की मांग में बढ़ोत्तरी के चलते पिछले महीने की तुलना में चना दाल की कीमतों में 10 फीसदी की तेजी आई है।
ख़रीफ़ फसलों की बुआई इस साल 2 अगस्त तक पिछले साल के मुक़ाबले 25.38 लाख हेक्टेयर अधिक क्षेत्र में हुई है। दलहन, तिलहन, गन्ना, मूंगफली, सोयाबीन और मक्के की बुआई में वृद्धि देखी गयी है वहीं कपास, जूट, बाजरा और रागी फसल की बुआई में कमी आई है।
अपने जवाब में देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन को बताया कि पिछले 3 सालों में देश भर में 168,021.09 मीट्रिक टन केमिकल पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल किया गया है. इस साल अब तक 55193.15 मीट्रिक टन रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया गया है. ये आँकड़े 2022-23 से 1,562.96 टन मीट्रिक टन ज्यादा है.
मानसून की बारिश के लगातार बदलते पैटर्न से किसानों का काफ़ी नुक़सान हो रहा है। उत्तर प्रदेश के किसान ख़रीफ़ फसलों की खेती के लिए बारिश का इंतज़ार कर रहे थे और बारिश आई भी तो कहीं इतना ज़्यादा की बाढ़ जैसे हालात हो गये हैं और कहीं इतना कम की सूखा पड़ा है।
अक्सर किसान अच्छी उपज के उनके भंडारण को लेकर चिंतित रहते हैं। मौसम की बढ़ती अनिश्चितता के बीच ये समस्या और बढ़ी है। भंडारण की व्यवस्था न होने की वजह से कई बार अच्छी कीमत भी नहीं मिल पाती। ऐसे में बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के कृषि विभाग ने कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए गोदाम निर्माण पर किसानों को अनुदान देने की योजना शुरू की है। इसके लिए किसान 1 से 31 अगस्त, 2024 तक आवेदन कर सकते हैं।