रबी फसलों की बुवाई तेज, आंकड़े पिछले साल से आगे

रबी फसलों

रबी सीजन में बुवाई तेजी से बढ़ रही है और अब तक 479 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बोई जा चुकी है, जो पिछले साल से अधिक है। इस बार गेहूं, सरसों, धान और मक्का की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है, जबकि मसूर का क्षेत्र थोड़ा कम हुआ है। सरकार ने इस सीजन के लिए खाद्यान्न और तेलहन उत्पादन का बड़ा लक्ष्य रखा है। जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य से कम है, लेकिन हाल की बारिश से स्थिति बेहतर हुई है और उम्मीद है कि लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

देश में रबी सीजन की फसलों की बुवाई तेजी से हो रही है और अब तक सामान्य बुवाई क्षेत्र के 75% हिस्से में फसलें बोई जा चुकी हैं। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 479 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 6% ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम अच्छा रहने और MSP बढ़ने की उम्मीद के कारण किसानों ने ज्यादा बुवाई की है।

गेहूं की बुवाई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
इस बार गेहूं की बुवाई में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अब तक 241 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया जा चुका है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 217 लाख हेक्टेयर था। दिसंबर के मध्य तक गेहूं का लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है। सरसों की बुवाई 79.88 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है और यह पिछले साल की तुलना में ज्यादा है। जौ की बुवाई भी सामान्य क्षेत्र से अधिक हो चुकी है।

चना बढ़ा, मसूर में गिरावट
दलहनों का कुल क्षेत्रफल 106.21 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष के लगभग बराबर है। इस वर्ष चना की बुवाई 77.84 लाख हेक्टेयर रही, जो 3.6 प्रतिशत अधिक है। वहीं मसूर में गिरावट दर्ज हुई है माना जा रहा है कि गेहूं और सरसों के अच्छे दामों की वजह से कुछ किसानों ने मसूर की जगह अन्य फसलें चुनी हैं।

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मक्का की बुवाई में भी तेजी
धान और मक्का की बुवाई में भी तेजी आई है। रबी धान का क्षेत्र 10.98 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष से 11.4 प्रतिशत अधिक है। मक्का की बुवाई भी बढ़कर 11.41 लाख हेक्टेयर हो गई है। हालांकि ज्वार जैसी मोटे अनाज वाली फसलों में थोड़ी कमी देखी गई है।

सरकार का लक्ष्य
सरकार ने इस बार 171 मिलियन टन खाद्यान्न और 15 मिलियन टन तेलहन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इनमें गेहूं, धान, दालें, मक्का और सरसों मुख्य फसलें हैं। हालांकि बुवाई तेजी से हो रही है, लेकिन जलाशयों में पानी का स्तर अभी पूरी क्षमता के मुकाबले 90% से कम है। बावजूद इसके, पिछले साल और औसत के मुकाबले पानी की स्थिति बेहतर है, खासकर दक्षिण भारत में हुई हालिया बारिश के कारण। मंत्रालय को विश्वास है कि पानी की उपलब्धता और मौजूदा मौसम के चलते इस बार रबी फसलों का लक्ष्य हासिल हो जाएगा।

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