गन्ना उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है। गन्ना और चीनी उद्योग न केवल किसानों की आमदनी में सुधार करता है बल्कि रोजगार के अवसर भी देता है। उत्तर भारत में गन्ने की खेती मुख्य रूप से बसंतकालीन और शरदकालीन सीज़न में की जाती है। शरदकालीन गन्ने की बुवाई का समय सितंबर के अंतिम पखवाड़े से लेकर अक्टूबर तक होता है। ऐसा मानना है कि शरदकालीन गन्ने की खेती बसंतकालीन गन्ने की तुलना में लगभग 20 फीसदी अधिक उत्पादन देती है, इसलिए किसानों को अक्टूबर में गन्ने की बुवाई कर लेनी चाहिए।
शरदकालीन गन्ने की बुवाई के लिए 15 सितंबर से अक्टूबर तक का समय सबसे बेहतर माना जाता है।सितम्बर में जब वर्षा समाप्त हो जाती है और ठंड शुरू हो रही होती है, तो उस वक्त गन्ने का बुवाई कार्य शुरू कर देना चाहिए. इससे गन्ने की अच्छी ग्रोथ के साथ बेहतर उपज मिलती है। लेकिन गन्ने की बुवाई के लिए गन्ने के बीज का चुनाव बहुत ज़रूरी है। इसके लिये भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR -IISR), लखनऊ के निदेशक की तरफ से गन्ने की शरदकालीन बुआई 2024 के लिए किसानों को गन्ना बीज खरीदने के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है।
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के पास शरदकालीन बुआई के लिए गन्ना किस्में अगेती के लिये कोलख 16202, कोलख 15466, कोलख 14201, कोलख 11203 और सामान्य के लिए कोलख 15207 और कोलख 14204 उपलब्ध हैं।
क्या है निर्देश?
1.गन्ने की शरद कालीन बुआई के लिए गन्ना बीज की ऑनलाइन बुकिंग आज यानी 1 अक्तूबर 2024 से शुरू होगी। गन्ना बीज की उपलब्धता के अनुसार बुकिंग सीमित समय तक ही होगी।
2.किसानों से उपलब्ध गन्ना किस्मों के बीज लेने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करने को कहा गया है।
3.इस बुआई सत्र में कोलख 16202 और कोलख 15466 का बीज का बीज की बिक्री सिंगल बड के आधार पर किया जायेगा। इन दोनों किस्मों की सेलिंग 1.40 रू प्रति बड तय किया गया है। प्रत्यक किसान को एक किस्म की अधिकतम 300 बड ही दी जायेगी।
4.कोलख 16202 और कोलख 15466 को छोड़कर दूसरी सभी अगेती किस्मों की सेलिंग रेट 450 रू प्रति क्विंटल और सामान्य किस्मों की सेलिंग रेट 425 रू प्रति क्विंटल रहेगी।
5.गन्ना कटाई का भुगतान कोलख 16202 और कोलख 15466 को छोड़कर 100रू प्रति क्विंटल अतिरिक्त दिया जाएगा।
6.ऑनलाइन बुकिंग करने वाले किसानों को हर शुक्रवार और शनिवार को ही बीज सेल किया जाएगा और आवंटन की लिस्ट उस सप्ताह के सोमवार को संस्थान की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। जिससे किसान अपना नाम लिस्ट में देख कर तय दिन और समय पर संस्थान में आकर अपना बीज ले सकते हैं। किसान अपने साथ अपना आधार कार्ड या कोई और आईडी कार्ड जरुर लेकर जायें।
7.जो किसान तय दिन और समय पर अपना बीज लेने नहीं जाएँगे उनको दोबारा ऑनलाइन बुकिंग करनी पड़ेगी। पहले की गई बुकिंग अपने आप ही रिजेक्ट हो जाएगी।
8.ऑनलाइन बुकिंग के लिए किसानों को कोई भुगतान नहीं करना होगा। किसान को बीज लेते समय ही डेबिट कार्ड से संस्थान को तय भुगतान करना होगा, जिसकी रसीद आपको उसी समय दे दी जाएगी।
9.जिला गन्ना अधिकारी/गन्ना विकास परिषद और चीनी मिल भी इस ऑनलाइन सुविधा के उपयोग बीज ख़रीदने के लिए कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए ईमेल seedcane.iisr@icar.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।
ये देखें –