नाबार्ड ने वर्ष 2026–27 के लिए उत्तर प्रदेश में ₹9.14 लाख करोड़ की ऋण संभाव्यता का आकलन जारी किया है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य क्रेडिट संगोष्ठी में किया। इस मौके पर e-KCC पोर्टल लॉन्च किया गया, जिससे किसानों को 3–4 हफ्तों की जगह सिर्फ 5 मिनट में ऋण मिल सकेगा। कार्यक्रम में कृषि, एमएसएमई और सहकारिता क्षेत्रों में ऋण बढ़ाकर राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने वर्ष 2026–27 के लिए राज्य में ₹9.14 लाख करोड़ की ऋण संभाव्यता का आकलन जारी किया है। इसके लिए नाबार्ड के राज्य फोकस पेपर (SFP) 2026–27 का विमोचन लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और स्टेट फोकस पेपर का औपचारिक विमोचन किया। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, PACS प्रतिनिधि, एफपीओ सदस्य और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी मौजूद रहीं।

नाबार्ड ने इन्हें किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता क्षेत्र के लिए ऋण रूपरेखा तैयार करने में नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बैंकों को लक्ष्य तय करने और किसानों, एफपीओ तथा सहकारी संस्थाओं तक ऋण पहुंचाने में मदद मिलती है। इस दौरान नाबार्ड ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले SHG, FPO, PACS और जिला सहकारी बैंकों को सम्मानित भी किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की और कहा कि ऐसी सफलता की कहानियां आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
e-KCC पोर्टल का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के नए e-KCC पोर्टल का भी शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल से किसानों को अब 3–4 हफ्तों की जगह केवल 5 मिनट में ऋण स्वीकृति मिल सकेगी। PACS कंप्यूटराइजेशन योजना के तहत प्रदेश में 5686 PACS चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 3049 पहले ही ऑनलाइन हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि GSDP, विकास दर, प्रति व्यक्ति आय, तकनीक और उत्पादकता में सुधार के कारण उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। साथ ही MSME क्षेत्र को मजबूत करने और राज्य के क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो को राष्ट्रीय औसत तक लाने की जरूरत बताई।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने क्या कहा?
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा और निर्यात क्षेत्र में लगातार वृद्धि हो रही है। बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश माहौल और बुनियादी ढांचे के कारण उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए सुरक्षित राज्य बन रहा है। उन्होंने पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र में KCC कवरेज बढ़ाने, एफपीओ को मजबूत करने और सौर ऊर्जा व एआई के उपयोग से कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का रोडमैप
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि स्टेट फोकस पेपर सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का रोडमैप है। इसके लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी विभागों और संस्थाओं से मिलकर काम करने की अपील की।

किसने क्या कहा?
भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि कृषि क्षेत्र में लक्ष्य हासिल करने के लिए पूंजी निवेश बहुत जरूरी है। उन्होंने RBI की यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस जैसी डिजिटल पहलों का जिक्र किया, जिससे किसानों और अन्य उधारकर्ताओं को पेपरलेस और आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि स्टेट फोकस पेपर राज्य के सभी 75 जिलों की जमीनी जरूरतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसी के आधार पर 2026–27 की वार्षिक ऋण योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में ऋण का बड़ा हिस्सा केवल फसल उत्पादन तक सीमित है, जबकि कृषि ढांचे में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि MSME क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है और इसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है। नाबार्ड e-KCC, PACS कंप्यूटराइजेशन और नई सहकारी समितियों के गठन जैसी डिजिटल पहलों के जरिए सहकारी तंत्र को मजबूत कर रहा है। साथ ही उन्होंने राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात सुधारने पर भी जोर दिया।
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