लखनऊ में सीएसआईआर–सीमैप द्वारा आयोजित किसान मेला–2026 में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती व उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मेले में किसानों, वैज्ञानिकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, नई तकनीकों, शोध सहयोग और बाजार से जुड़ी जानकारी साझा की गई, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
लखनऊ में सीएसआईआर–केन्द्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान (सीमैप) ने औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और उससे जुड़े व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किसान मेला–2026 का आयोजन किया। मेले का पहला दिन संस्थान परिसर के क्षितिज सभागार में सफल रहा और अच्छे ढंग से पूरा हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से किसान, एफपीओ, उद्यमी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद और उद्योग से जुड़े लोग शामिल हुए। मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़ना और औषधीय व सुगंधित फसलों की खेती को लाभकारी बनाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. धीर सिंह (निदेशक, आईसीएआर–एनडीआरआई, करनाल) और सीएसआईआर–सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान किसानों और कृषि से जुड़े संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

औषधीय और सुगंधित फसलों को अपनाने की अपील
मेले की जानकारी देते हुए संयोजक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सीएसआईआर–सीमैप किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान-केंद्रित अनुसंधान, तकनीक प्रसार और बाजार से जुड़ी पहल कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान मेला नई वैज्ञानिक तकनीकों को खेत और बाजार तक पहुँचाने का एक मजबूत मंच है।अपने संबोधन में डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने किसानों से औषधीय और सुगंधित फसलों को अपनाने की अपील की। उन्होंने पुदीना जैसी फसलों की खेती, प्रसंस्करण और मार्केटिंग में सीमैप की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही बताया कि संस्थान देशभर के सफल उद्यमियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक भी प्रकाशित करने जा रहा है।

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दो अहम समझौता पर बात हुई
उद्घाटन सत्र में दो अहम समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। पहला, सीएसआईआर–सीमैप और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच औषधीय शोध और परीक्षण के लिए, और दूसरा, सीएसआईआर–सीमैप व आईसीएआर–एनडीआरआई के बीच सुगंधित पौधों के आसवन अवशेषों को पशु चारे के रूप में उपयोग करने के शोध के लिए किया गया।इस मौके पर दमस्क गुलाब की खेती और मूल्य श्रृंखला पर आधारित रोज़ बुलेटिन तथा औषधीय फसलों में उपयोगी तितलियों पर एक पुस्तक भी जारी की गई।

किसान गोष्ठी का भी आयोजन
मेले के दौरान किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों ने किसानों से सीधे संवाद कर खेती, कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण, बाजार और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। बाद में किसानों को सीमैप के शोध फार्म से गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री भी वितरित की गई।किसान मेला–2026 किसानों, विज्ञान और उद्योग को एक मंच पर लाकर औषधीय और सुगंधित पौधों पर आधारित आत्मनिर्भर और टिकाऊ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।
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