भारतीय चाय के भविष्य पर मंथन

भारतीय चाय के भविष्य पर मंथन, 29 जनवरी को नीलगिरी में बड़ी बैठक

तमिलनाडु के कून्नूर में 29 जनवरी को राष्ट्रीय चाय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के चाय निर्माता शामिल होंगे। FITMA की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में चाय उद्योग की चुनौतियों, नीति निर्माण, गुणवत्ता सुधार और चाय की खपत बढ़ाने की योजना “मिशन 1K” पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन भारतीय चाय के भविष्य को नई दिशा देने की कोशिश है।

पूरी र‍िपोर्ट
सरकार का नया टेक्नोलॉजी प्लान

ज्यादा यूरिया पर लगाम, सरकार का नया टेक्नोलॉजी प्लान

सरकार तकनीक की मदद से खाद के सही इस्तेमाल पर काम कर रही है। एग्रीस्टैक के जरिए खेत, फसल और खाद को जोड़कर यह तय किया जा रहा है कि कितनी खाद की जरूरत है। पायलट प्रोजेक्ट से हरियाणा जैसे राज्यों में यूरिया और डीएपी की बड़ी बचत हुई है। ज्यादा यूरिया के नुकसान को देखते हुए सरकार जागरूकता अभियान और ‘धरती माता निगरानी समितियां’ चला रही है।

पूरी र‍िपोर्ट
उर्वरकों में आत्मनिर्भरता नहीं

उर्वरकों में आत्मनिर्भरता नहीं, संतुलित इस्तेमाल ही असली रास्ता: अर्थशास्त्री गुलाटी

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के लिए रासायनिक उर्वरकों में आत्मनिर्भर होना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि यूरिया, डीएपी और पोटाश के लिए देश आयात पर निर्भर है। प्रो. अशोक गुलाटी ने उर्वरकों के संतुलित और कुशल उपयोग पर ज़ोर देते हुए यूरिया-प्रधान सब्सिडी नीति में सुधार की जरूरत बताई। नीति आयोग के रमेश चंद ने हर जगह 4:2:1 एनपीके अनुपात लागू करने को अवैज्ञानिक बताया।

पूरी र‍िपोर्ट
India-EU ट्रेड डील

India-EU ट्रेड डील : कृषि और समुद्री उत्पादों के लिए नए अवसर

भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय कृषि उत्पादों जैसे चाय, कॉफी, मसाले, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पादों के निर्यात पर ड्यूटी में छूट मिलेगी। इससे EU के बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों व निर्यातकों को फायदा होगा। डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को छूट से बाहर रखा गया है, जबकि MSME, तटीय समुदायों और आयुष सेवाओं को इस समझौते से खास बढ़ावा मिलेगा।

पूरी र‍िपोर्ट
एक एकड़ से 14 लाख तक कमा

एक एकड़ से 14 लाख तक कमाई, सही तकनीक और टाइमिंग ने बदली अदरक की खेती की तस्वीर

महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के किसान तुकाराम ने अदरक की खेती में सही तकनीक, टाइमिंग और योजना अपनाकर एक एकड़ से करीब 14 लाख रुपये तक की कमाई की है। रेज्ड बेड, सही दूरी पर बुवाई, बीज की बेहतर तैयारी और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से उन्होंने उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए।

पूरी र‍िपोर्ट
मिर्च की कमी ने बढ़ाए दाम

मिर्च की कमी ने बढ़ाए दाम, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव

इस साल मिर्च की पैदावार कम रहने से बाजार में कमी बनी हुई है, जिससे दाम काफी बढ़ गए हैं। कीट-रोग, ज्यादा बारिश और खेती का रकबा घटने से किसानों को नुकसान हुआ, लेकिन जिनकी फसल बची है उन्हें अच्छे भाव मिल रहे हैं। निर्यात मांग बढ़ने से भी कीमतें ऊँची हैं और आने वाले समय में दाम बहुत ज्यादा गिरने की उम्मीद नहीं है।

पूरी र‍िपोर्ट
भारत–EU फ्री ट्रेड डील

India-EU FTA: कारोबार के नए रास्ते खुले, कृषि और डेयरी सेक्टर को भारत ने रखा सुरक्षित

भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) तय हुआ है। इस समझौते से भारत के 90% से ज्यादा उत्पादों को यूरोप में बिना शुल्क पहुंच मिलेगी, जिससे कपड़ा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा और केमिकल जैसे सेक्टरों को बड़ा फायदा होगा। भारत भी यूरोपीय उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से रियायत देगा, जबकि कृषि, डेयरी और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षा दी गई है। इस डील से दोनों के बीच व्यापार और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।

पूरी र‍िपोर्ट
उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम

उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ से बारिश-बर्फबारी के आसार

उत्तर भारत में 27- 28 जनवरी को एक तेज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश, तेज हवा और ठंड बढ़ने की संभावना है। कोहरा और शीतलहर का असर भी जारी रह सकता है, ऐसे में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूरी र‍िपोर्ट
77वें गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर आईसीएआर में किसानों से मिले कृषि मंत्री, MSP से लेकर निर्यात तक पर जोर

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा, नई दिल्ली स्थित आईसीएआर में देशभर से आए किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। दालों की 100% MSP पर खरीद, चावल निर्यात की बाधाएं हटाने, फसल बीमा में सुधार, वैज्ञानिक मदद और डिजिटल फार्मर आईडी जैसी पहलों से खेती को लाभकारी पेशा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

पूरी र‍िपोर्ट
मध्य प्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’,

मध्य प्रदेश में 2026 होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों पर सरकार का बड़ा फोकस

मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाने का फैसला किया है। कृषि बजट बढ़कर 27,000 करोड़ रुपये हो गया है और किसानों की आय बढ़ाने, तकनीक, प्राकृतिक खेती और ई-मंडी जैसी योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। राज्य को दूध उत्पादन का केंद्र बनाने, पशुपालन को लाभकारी करने और गौशालाओं के लिए मदद बढ़ाने की घोषणा की गई है।

पूरी र‍िपोर्ट