प्रयागराज के माघ मेले में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अधिवेशन में किसानों ने शत-प्रतिशत कर्ज माफी और ₹5,000 वृद्धावस्था पेंशन की मांग उठाई। देशभर से आए किसानों ने सरकार की नीतियों पर नाराज़गी जताई और 10 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।
प्रयागराज के माघ मेले के परेड मैदान में रविवार को किसानों की बड़ी सभा हुई। यह सभा भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) का राष्ट्रीय अधिवेशन था, जिसमें देश के कई राज्यों से किसान शामिल हुए। किसानों ने सरकार से अपनी पूरी कर्ज माफी और वृद्ध किसानों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने की मांग की।
इस अधिवेशन में हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से किसान शामिल हुए। किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
सरकार पर क्या बोले किसान नेता?
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि मौजूदा सरकार की सोच किसानों के हित में नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन छीनी जा रही है, खाद के लिए किसान भटक रहे हैं और धान खरीद केंद्रों पर बिचौलियों का कब्जा है।अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें किसानों की 100% कर्ज माफी, किसानों के लिए आयोग का गठन, कब्जाई गई जमीनों को मुक्त कराना, निजी अस्पतालों में गरीबों के लिए 60% मुफ्त इलाज और ईवीएम से चुनाव बंद करने की मांग शामिल है।
ये भी पढ़ें – मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर
10 मार्च को लखनऊ में बड़ा आंदोलन
ऋषिपाल अंबावता ने ऐलान किया कि इन मांगों को लेकर 10 मार्च को 25 हजार किसानों के साथ लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में किसान उसी को वोट देंगे, जो उनका कर्ज माफ करेगा और पेंशन बढ़ाएगा।
संगठन मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन को मजबूत करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर जिले में कम से कम 500 नए सदस्य जोड़े जाएं जिसके लिए सदस्यता शुल्क सिर्फ 100 रुपये होगा, संगठन अब सिर्फ अपने सदस्यों की लड़ाई लड़ेगा और किसी भी धरना-प्रदर्शन से पहले प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी होगा।
ये देखें –