बिहार सरकार ने रबी सीजन में गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए “फूल (गेंदा) विकास योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। आवेदन ऑनलाइन होंगे और महिला किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य कम लागत में किसानों की आय बढ़ाना और फूलों की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करना है।
अगर आप बिहार के निवासी हैं और फूलों की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। बिहार सरकार राज्य में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए “फूल (गेंदा) विकास योजना” लेकर आई है। रबी सीजन में लागू इस योजना के लिए सरकार ने 8 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके तहत गेंदा फूल की खेती पर किसानों को लागत का 50 फीसदी तक अनुदान मिलेगा।
सभी 38 जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन
कृषि विभाग का कहना है कि गेंदा फूल की बाजार में सालभर अच्छी मांग रहती है। पूजा-पाठ, शादी-ब्याह और त्योहारों में इसका खूब इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि कम खर्च में यह फसल किसानों को अच्छी कमाई का मौका देती है। इसी को देखते हुए सरकार गेंदा फूल की खेती को बढ़ावा दे रही है। इस योजना का लाभ राज्य के सभी 38 जिलों के किसान ले सकते हैं।
50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
इस योजना के तहत गेंदा की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये की लागत तय की गई है। इसमें से सरकार किसानों को 50 प्रतिशत यानी 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देगी। इसके अलावा, गेंदा के पौधे भी किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य के सभी जिलों के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
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आवेदन कैसे करें
योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। फसल में फूल आने के बाद, संबंधित प्रखंड उद्यान पदाधिकारी की सिफारिश और जिला अधिकारी की मंजूरी के बाद अनुदान की पूरी राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
महिला किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
इस योजना में महिला किसानों को खास महत्व दिया गया है। सरकार ने तय किया है कि कम से कम 30 प्रतिशत लाभ महिला किसानों को दिया जाएगा। कृषि विभाग का मानना है कि इससे न सिर्फ गेंदा फूल की खेती बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आमदनी भी बेहतर होगी और बिहार फूल उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा।
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