गेहूं की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को बीज हाथ से बिखेरने के बजाय कतारों में बुवाई करनी चाहिए। इससे बीज और खाद बराबर मात्रा में मिट्टी में जाते हैं, पौधों को पर्याप्त धूप, पानी और पोषण मिलता है, और फसल स्वस्थ रहती है।
अगर आप गेहूं की खेती करते हैं और पैदावार बढ़ाना चाहते हैं, तो बुवाई का तरीका बदलना ही सबसे आसान उपाय है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि कतारों में बुवाई (Row Sowing) से गेहूं की फसल न केवल समान रूप से बढ़ती है बल्कि उत्पादन भी काफी बढ़ जाता है।
हाथ से बुवाई बनाम कतार बुवाई
अक्सर किसान हाथ से बीज बिखेरकर बुवाई करते हैं, जिससे खेत में कहीं ज्यादा और कहीं कम बीज पड़ जाते हैं। इससे फसल की बढ़वार असमान होती है और पैदावार पर असर पड़ता है।वहीं, जब बुवाई मशीन से या कतारों में की जाती है, तो बीज और खाद दोनों बराबर मात्रा में एक साथ मिट्टी में जाते हैं, जिससे पौधों को संतुलित पोषण मिलता है।
कतार बुवाई के फायदे
हर पौधे को बराबर धूप, पानी और पोषक तत्व मिलते हैं।
पौधे मजबूत और स्वस्थ बनते हैं।
फसल में रोग कम लगते हैं और उत्पादन बढ़ता है।
खेत की निराई-गुड़ाई और सिंचाई में आसानी होती है।
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बुवाई की दूरी और गहराई
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार —
कतारों के बीच दूरी: 17 से 20 सेंटीमीटर
बीज की गहराई: 5 सेंटीमीटर से ज्यादा न हो
कौन-सी मशीनें करेंगी मदद
कतार बुवाई के लिए किसान सीड ड्रिल, ज़ीरो सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर, या बैल और हाथ से चलने वाली मशीनों का इस्तेमाल कर सकते हैं।एक एकड़ खेत के लिए लगभग 40 किलो बीज पर्याप्त होता है।कतार बुवाई का तरीका अपनाने से गेहूं की फसल को न सिर्फ बेहतर पोषण और बढ़वार मिलती है, बल्कि पैदावार में भी स्पष्ट बढ़ोतरी होती है।
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