उत्तर प्रदेश ने हरित ऊर्जा पर बड़ा कदम उठाते हुए जापान के साथ ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर समझौता किया है। ‘इन्वेस्ट यूपी’ के अपर मुख्य सचिव शशांक चौधरी के नेतृत्व में जापान में हुई बैठकों में बुंदेलखंड के झांसी क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर सहमति बनी। इस परियोजना में IIT कानपुर, BHU और जापान की यामानाशी कंपनी तकनीकी मदद देंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी शुरुआत की है। जापान में हुई बैठकों में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर सहमति बनी है।खासकर बुंदेलखंड में पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा और बड़ा निवेश मिलने की उम्मीद है।
जापान के साथ बड़ी बैठकें
‘इन्वेस्ट यूपी’ के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी के नेतृत्व में जापान में यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के साथ हुई बैठक में उनके उन्नत ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने जापान में रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुबेनी कॉर्पोरेशन, सुजुकी मोटर और यामानशी प्रीफेक्चर के साथ निवेश संभावनाओं पर बैठकें कीं।
बैठकों में नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत वाहन, हरित आधारभूत ढांचा और उन्नत निर्माण तकनीकों पर सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत मिले।इस दौरान मॉडल पी-21 भी प्रस्तुत किया गया और यूपी में पायलट परियोजना शुरू करने पर सहमति बनी। इसमें आईआईटी कानपुर, बीएचयू और यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी तकनीकी सहयोग देंगी।
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जापान–यूपी सहयोग
यामानाशी प्रीफेक्चर की सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है। मॉडल पी-21 का प्रस्ताव भी जापान ने यूपी को दिया है, जिसे पायलट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जाएगा।इस परियोजना से बुंदेलखंड को स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र, बड़ा निवेश और नए उद्योगों का फायदा मिलेगा। प्रदेश में हरित ऊर्जा और नवीकरणीय तकनीक को बढ़ावा देने के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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