गणतंत्र दिवस पर आईसीएआर में किसानों से मिले कृषि मंत्री, MSP से लेकर निर्यात तक पर जोर

77वें गणतंत्र दिवस

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा, नई दिल्ली स्थित आईसीएआर में देशभर से आए किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। दालों की 100% MSP पर खरीद, चावल निर्यात की बाधाएं हटाने, फसल बीमा में सुधार, वैज्ञानिक मदद और डिजिटल फार्मर आईडी जैसी पहलों से खेती को लाभकारी पेशा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए किसानों से संवाद किया। इस संवाद का आयोजन पूसा, नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे।

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी आत्मा हैं। उन्होंने बताया कि देश के किसान भारत की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक हैं, और पूरे विश्व में भारत की बढ़ती ताकत देखी जा रही है।

मंत्री ने दी ये जानकारियां
मंत्री ने इस दौरान किसानों के हित में सरकार द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण निर्णयों और योजनाओं की जानकारी दी:

  • फसल की सही कीमत और MSP: तुअर, मसूर, उड़द जैसी दालों को 100% MSP पर खरीदा जाएगा।
  • चावल उत्पादन और निर्यात: भारत ने दुनिया में चावल उत्पादन में प्रथम स्थान हासिल किया है। निर्यात पर लगी मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस की बाधा हटा दी गई है, जिससे किसानों को चावल अच्छे दाम में बेचने का मौका मिला है।
  • फसल बीमा योजना में सुधार: अब फसल नुकसान में जंगली जानवरों, बाढ़ और पानी के नुकसान को भी शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही यदि किसानों को 22 दिनों में बीमा राशि नहीं मिलती है, तो 12% ब्याज दिया जाएगा।
  • आयात शुल्क: बाहर से आने वाली दाल पर 30% तक आयात शुल्क लगाया गया है ताकि देश के किसानों को उचित कीमत मिल सके।
  • वैज्ञानिक सहायता: ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ फिर से शुरू किया जाएगा। आईसीएआर द्वारा बनाई गई 52 टीमें किसानों को वैज्ञानिक सहायता और सुझाव देंगी, जिससे उत्पादन और उत्पादकता बढ़ेगी।
  • डिजिटल पहल: किसानों के लिए फार्मर आईडी बनाई जा रही है ताकि कागजी कार्य कम हो और सुविधाएं डिजिटल तरीके से मिल सकें।
  • कानूनी सुधार: सरकार पेस्टिसाइड एक्ट और सीड बिल संसद में पेश करने जा रही है। इनमें दंडात्मक प्रावधान और अधिक कठोर होंगे, जुर्माने की सीमा 30 लाख रुपये तक होगी।
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग और लाभकारी खेती: छोटी जोत की खेती को भी लाभकारी बनाने और खेती को फायदे का व्यवसाय बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
  • किसानों का सम्मान: इस साल तीन किसानों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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दालों की 100% खरीद
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत की दालों की खरीद पूरी तरह से की जा रही है, और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल रहा है। इसके अलावा सरकार प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।

किसानों ने भी सुझाव दिए
कार्यक्रम में किसानों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे। हरियाणा की अनीता कुमारी, मध्य प्रदेश के राजेश पाल और बिहार के गणेश कुमार गुप्ता ने अपनी फसलों और खेती से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट भी उपस्थित थे।

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