प्रधानमंत्री मोदी 11 अक्टूबर को ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ की शुरुआत करेंगे। इसका लक्ष्य तुअर, उड़द और मसूर जैसी दालों का उत्पादन बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाना है। योजना में किसानों से MSP पर 100% खरीद, क्षेत्रफल विस्तार और उत्पादकता बढ़ाने के उपाय शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ की भी शुरुआत करेंगे। इसका उद्देश्य भारत को दाल उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।
दलहन की बुवाई का क्षेत्रफल 275 लाख हेक्टेयर पहुँचा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में देश में दलहन की बुवाई का क्षेत्रफल 275 लाख हेक्टेयर है, जिसे 2030-31 तक 310 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन किया जाएगा।
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मिशन के तहत ये किया जाएगा
मिशन के तहत किसानों को 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज और 88 लाख मुफ्त ‘मिनी किट्स’ बांटे जाएंगे। साथ ही, 1,000 प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी, जिन पर ₹25 लाख प्रति इकाई सब्सिडी दी जाएगी।सरकार किसानों से दलहन की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करेगी, ताकि उन्हें फसल का उचित दाम मिल सके।
चौहान ने कहा कि इस मिशन के ज़रिए देश में उच्च गुणवत्ता वाले, कीट प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल बीजों का विकास किया जाएगा। इससे दालों का उत्पादन बढ़ेगा, आयात घटेगा और भारत दाल उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा।
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