महाराष्ट्र में किसान नेता विजय जवांधिया ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से जल्द किसानों को फसल ऋण जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में फसलें बर्बाद होने के बाद किसान आर्थिक तंगी में हैं और रबी की बुवाई के लिए तुरंत मदद ज़रूरी है। फडणवीस सरकार ने जून 2026 तक कर्जमाफी पर विचार करने के लिए समिति बनाई है और अब तक 31,638 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है।
महाराष्ट्र में किसानों को लेकर फसल ऋण (Crop Loan) का मुद्दा फिर गर्म हो गया है। किसान नेता विजय जवांधिया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर उन किसानों के लिए तुरंत फसल ऋण जारी करने की मांग की है, जो बैंकों का पुराना कर्ज नहीं चुका पाए हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की तबाही के बाद किसानों को फिर से खेती शुरू करने के लिए आर्थिक मदद की बहुत ज़रूरत है।
किसानों के सामने आर्थिक संकट
विजय जवांधिया ने चेतावनी दी कि अगर रबी सीजन से पहले किसानों को नया फसल ऋण नहीं मिला, तो वे निजी साहूकारों से कर्ज लेने पर मजबूर होंगे। इससे किसान कर्ज के जाल में और गहराई तक फंस जाएंगे, जो बेहद खतरनाक स्थिति होगी। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में बाढ़ और भारी बारिश से फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है, और अब किसान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के कर्ज को लेकर एक समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति पूरी स्थिति का अध्ययन करेगी और अप्रैल 2026 तक अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर सरकार जून 2026 तक पूर्ण कर्जमाफी पर विचार करेगी।
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मदद की अपील
जवांधिया ने सरकार के इस ऐलान का स्वागत तो किया, लेकिन कहा कि किसानों को अभी तुरंत राहत चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31,638 करोड़ रुपये का मुआवजा पैकेज घोषित किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई किसानों तक मदद नहीं पहुंची है।
अब तक उठाए गए कदम
राज्य सरकार ने बैंकों को फिलहाल किसानों से कर्ज वसूली न करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से 31,638 करोड़ रुपये के राहत पैकेज में से 8,000 करोड़ रुपये पहले ही किसानों में बांटे जा चुके हैं, जबकि 11,000 करोड़ रुपये हाल ही में कैबिनेट से जारी किए गए हैं।
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