केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार खाद के संतुलित उपयोग और गैर-कृषि कार्यों में उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाएगी। चिंतन शिविर में उन्होंने बताया कि कठिन हालात के बावजूद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई गई है। बैठक में नई पीढ़ी की खाद, आत्मनिर्भर उत्पादन, डिजिटल व्यवस्था और मिट्टी की सेहत सुधारने पर चर्चा हुई।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार खाद के संतुलित इस्तेमाल और गैर-कृषि कामों में खाद के दुरुपयोग की समस्या को दूर करने के लिए अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर काम करेगी।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक दिन के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को नीति-निर्माण के केंद्र में रखते हैं, इसलिए सभी योजनाओं का मकसद किसानों की जिंदगी को आसान बनाना होना चाहिए।
किसानों तक समय पर खाद पहुंची
जेपी नड्डा ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने किसानों की खाद की जरूरत पूरी की। इस साल रिकॉर्ड उत्पादन हुआ और जरूरत पड़ने पर खाद का आयात भी किया गया, ताकि किसानों को किसी तरह की कमी न हो।
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2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस चिंतन शिविर से ऐसे सुझाव सामने आएंगे, जो भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में मदद करेंगे। वहीं उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और निजी क्षेत्र — सभी ने इस मंथन में किसानों को केंद्र में रखा है। उन्होंने बताया कि यह शिविर इतना संवादात्मक रखा गया है कि हर सुझाव पर चर्चा हो सके।
नई पीढ़ी की खाद पर चर्चा
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में हुए इस कार्यक्रम में 15 समूहों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें नई तकनीक वाली खाद, खाद उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों तक सही जानकारी पहुंचाना, डिजिटल तरीकों से खाद व्यवस्था सुधारना और पोषक तत्व आधारित सब्सिडी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसका उद्देश्य किसानों तक समय पर खाद पहुंचाना, मिट्टी की सेहत सुधारना और सरकार की नीतियों को बेहतर तरीके से लागू करना है।
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