हनुमानगढ़ में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसान आज 7 जनवरी को महापंचायत के लिए जुट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इंटरनेट बंद और कुछ जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है। किसान पर्यावरण और जमीन को नुकसान मान रहे हैं, जबकि प्रशासन रोजगार और विकास का दावा कर रहा है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगारिया क्षेत्र में प्रस्तावित इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को लेकर माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है।किसानों ने आज 7 जनवरी को संगारिया में महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। संभावित तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया है और कुछ जगहों पर लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है।
किसानों की मांग
“इथेनॉल फैक्ट्री हटाओ–क्षेत्र बचाओ” समिति के बैनर तले किसान एकजुट हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री के लिए किया गया एमओयू रद्द किया जाए और पिछले आंदोलनों में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएँ। इस महापंचायत में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के किसानों के अलावा हरियाणा और पंजाब से भी बड़ी संख्या में लोग आने की संभावना है।
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प्रशासन का कदम
संगारिया में सुरक्षा के लिए प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। धारा 163 लागू कर दी गई है, यानी पांच से अधिक लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते। इसके अलावा मोबाइल इंटरनेट 30 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। सुरक्षा कड़ी करने के लिए चारों मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग और चेकपोइंट लगाए गए हैं, और वाहनों और लोगों की गहन जांच की जा रही है।
विवाद की वजह
किसानों का कहना है कि फैक्ट्री से पर्यावरण को नुकसान होगा, कृषि भूमि प्रभावित होगी और उनकी आजीविका पर संकट आएगा।वहीं, प्रशासन का कहना है कि परियोजना रोजगार पैदा करेगी और औद्योगिक विकास में मदद करेगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, और 7 जनवरी यानी आज की महापंचायत को लेकर संगारिया में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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