वी.के. शुक्ल

यूपी के गन्ना किसानों के लिए ज़रूरी खबर…3 फरवरी से शुरू होगी गन्ने की मिनी सीड किट की आनलाइन बुकिंग

शाहजहाँपुर। भारत में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यह एक नकदी फसल है. इसलिए किसान भी इसकी खेती में रुचि लेते हैं. गन्ना की बसंतकालीन गन्ना बुवाई को लेकर उ.प्र. गन्ना शोध परिषद के निदेशक वी.के. शुक्ल ने एक मीडिया से बात की. उन्होंने किसानों के लिए कहा है कि किसान नये गन्ना किस्मों का इस्तेमाल करें और अनुपयुक्त एवं रोगग्रस्त गन्ना किस्मों की बुवाई न करें.
शुक्ल ने कहा है कि इस वर्ष बसंतकालीन गन्ना बुवाई में नवीन गन्ना किस्म को.शा. 18231 एवं को.लख. 16202 की क्रमशः 4.90 लाख एवं 3.50 लाख बड वितरण हेतु उपलब्ध हो रही है अतः सीड की उपलब्ध मात्रा को देखते हुए अधिकतम किसानों तक इसे पहुँचाने के लिए मिनी सीड किट आनलाइन माध्यम से बुकिंग करने वाले किसानों को वितरित किया जायेगा.

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sugarcane

IISR, लखनऊ के वैज्ञानिकों की सलाह…जनवरी में गन्ने की कटाई के दौरान किसान इन बातों का रखें ध्यान

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश है. देश की अर्थव्यवस्था में गन्ना का अहम योगदान है. गन्ना और इससे जुड़े उद्योग देश में रोजगार के अवसर देते हैं साथ ही इससे किसानों की आमदनी में भी सुधार होता है. ऐसे में गन्ने की खेती देश और देश के किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. IISR, लखनऊ के वैज्ञानिकों ने गन्ना किसानों को जनवरी में गन्ने की कटाई के दौरान कुछ बातों को ध्यान देने को कहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसान इन बातों पर अमल करें तो गन्ने की पैदावार बढ़ जाती है.

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Farm Machinery

उत्तर प्रदेश सरकार कृषि यंत्रों पर दे रही है सब्सिडी, 4 फ़रवरी तक कर सकते हैं आवेदन

उत्तर प्रदेश सरकार ने खेती को आसान बनाने के लिए खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी पर सब्सिडी देने की योजना शुरू की है. इसके तहत योगी सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है. इसका उद्देश्य कृषि में यंत्रों के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर उत्पादन क्षमता में सुधार करना है. योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों की बुकिंग 21 जनवरी, 2025 से शुरू हो चुकी है, जिसकी अंतिम तारीख 4 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के मुताबिक़ योजना के तहत सभी जातियों और श्रेणियों के किसान और एफपीओ सब्सिडी ले सकते हैं.

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सरसों

अत्यधिक ठंड में सरसों की फसल में लगने वाले सफेद रतुआ रोग के लक्षण और बचाव जानिए

घना कोहरा, धूप न निकलना और तापमान में गिरावट। ऐसे मौसम में रबी सीजन की महत्वपूर्ण फसल सरसों में रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग के मुताबिक़ ऐसे मौसम में सरसों की फसल में सफेद रतुआ बीमारी लगने की आशंका रहती है। ऐसे में सरसों किसानों को सचेत रहने की ज़रूरत है। किसान फसल का नियमित निरीक्षण करते रहें। लक्षण दिखाई देने पर समय रहते उपाय कर नुकसान से बचा जा सकता है।

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गन्ना

बिहार की आठ चीनी मिलों के 40 किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद में आज, 16 जनवरी 2025 को बिहार के जनपद  गोपालगंज, नरकटियागंज, सिंधवलिया, मझवलिया, हरीनगर, बगहा, सुगौली एवं लौरिया की आठ चीनी मिलों के 40 किसानों के दल ने ’’गन्ना एवं चीनी उत्पादन में सार्थक वृद्धि’’ विषयक पर होने वाले पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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रबी फसल

फसलों को पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें किसान, कृषि वैज्ञानिकों ने दी सलाह 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शीतलहर/पाले का प्रकोप जारी है। ऐसे में राज्य के क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक में किसानों और पशुपालकों के लिए आने वाले दो सप्ताह के लिए मौसम पूर्वानुमान, फसल और पशुओं की देख-भाल के लिए एडवाइज़री जारी की गई है। इसके मुताबिक़ पहले सप्ताह(10-16 जनवरी, 2025) में प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में पाले की बढ़ने और कुछ में समान रहने की संभावना है। पाले से बचाव के लिए किसानों को फसल में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है।

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अगैती तरबूज की खेती से मुनाफ़ा कमा रहा बाराबंकी का किसान

बाराबंकी (उत्तरप्रदेश) अगैती सब्जियां और फल हमेशा मार्केट में अच्छे रेट पर बिकती हैं। प्रगतिशील किसान और मंडी के आढ़ती सब कहते हैं कि अगैती फसलें ( फलों और सब्जियों ) ने ज्यादातर किसानों को मुनाफा दिया है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में रहने वाले मयंक वर्मा ऐसे ही एक किसान हैं जो तरबूज की खेती से अच्छा मुनाफ़ा कमा रहे हैं। तरबूज के साथ मयंक फ्रेंच बीन्स, टमाटर, गोभी, मूली की भी खेती करते हैं।

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चौधरी जी

किसान दिवस: जब तक किसानों की स्थिति ठीक नहीं होगी, तब तक देश प्रगति नहीं करेगा

“जब तक किसानों की स्थिति ठीक नहीं होगी, तब तक देश प्रगति नहीं करेगा।” ऐसा मानने वाले भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का आज जन्मदिवस है। चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हुआ था। उन्होंने किसानों के हित में अनेक नीतियां बनाई और भारतीय कृषि को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उनकी नीतियों और कार्यों के कारण ही उन्हें “किसानों का मसीहा” कहा जाता है। वे खुद भी एक किसान परिवार से आते थे और इसलिए उन्होंने किसानों की समस्याओं को गहराई से समझा। उनके योगदान के सम्मान में हर साल 23 दिसंबर को ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

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भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान ने गेहूं की बुआई के लिए जारी की एडवाइजरी

लखनऊ । अगर आप गेहूं के किसान है और गेंहू बोआई करने वाले है तो ये ख़बर आपके लिए हैं। बदलते मौसम क देखते हुए भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने गेहूं के किसानों के लिए जो एडवाइजरी जारी की है साथ ही कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए है। इन सुझावों का पालन…

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आवेदन के लिए बचे तीन दिन, UP सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर 50% से 80% की सब्सिडी दे रही है

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50% से 80% तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह पहल किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद करेगी और कृषि लागत में कमी लाने के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। इस योजना…

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