चीनी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर

2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, ISMA का बड़ा अनुमान

2025-26 चीनी सीजन में देश का चीनी उत्पादन तेज़ी से बढ़ा है। 31 जनवरी तक 1.95 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल से 18% ज्यादा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ISMA का अनुमान है कि पूरे सीजन में चीनी उत्पादन बढ़कर करीब 3.09 करोड़ टन तक पहुंच सकता है।

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सीएसआईआर-सीमैप किसान मेला 2026

सीएसआईआर-सीमैप किसान मेला 2026 का आयोजन: खेती से कारोबार तक का मंच

लखनऊ में सीएसआईआर–सीमैप द्वारा आयोजित किसान मेला–2026 में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती व उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मेले में किसानों, वैज्ञानिकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया, नई तकनीकों, शोध सहयोग और बाजार से जुड़ी जानकारी साझा की गई, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

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यूपी कृषि विभाग का नया कदम

यूपी कृषि विभाग का नया कदम, खेती-किसानी की हर जानकारी अब एक फोन कॉल पर

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने किसानों की मदद के लिए 0522-2317003 हेल्पलाइन शुरू की है, जिस पर खेती, बीज, खाद, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। यह सेवा सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहेगी। समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने परियोजनाओं और बजट खर्च में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम के निर्देश दिए।

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मुरादाबाद के रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

बीज संरक्षण को बनाया जीवन का मिशन, मुरादाबाद के रघुपत सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के किसान रघुपत सिंह को पारंपरिक सब्जियों के विलुप्त होते बीजों के संरक्षण और उन्हें फिर से किसानों तक पहुंचाने के असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की है। रघुपत सिंह ने बीज संरक्षण को अपने जीवन का मिशन बनाया और 55 से अधिक विलुप्त सब्जियों के बीज बचाकर तीन लाख से ज्यादा किसानों को उनसे जोड़ा।

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हाथरस से बढ़ा निर्यात

यूपी का आलू बना वैश्विक ब्रांड, हाथरस से बढ़ा निर्यात

उत्तर प्रदेश का आलू, खासकर हाथरस जिले का आलू, अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से पहचान बना रहा है। बेहतर गुणवत्ता, और समय पर आपूर्ति के कारण इस साल हाथरस से आलू निर्यात में करीब 5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है और भारत के कुल आलू निर्यात में जिले की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत हो गई है।

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बेहतर उत्पादन के लिए कब करना चाहिए गेहूं में NPK स्प्रे

टाइमिंग और मात्रा का खेल: बेहतर उत्पादन के लिए कब करना चाहिए गेहूं में NPK स्प्रे?

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल में सही समय और सही मात्रा में NPK स्प्रे करने से पैदावार और दाने की गुणवत्ता दोनों बढ़ती है। फुटाव, बूट और दूधिया अवस्था—इन तीन अहम चरणों पर अलग-अलग NPK का छिड़काव करने से कल्ले बढ़ते हैं, बालियां मजबूत बनती हैं और दाने मोटे व वजनदार होते हैं। सही समय, उचित पानी और सावधानियों के साथ किया गया स्प्रे बेहतर उत्पादन की कुंजी है।

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हाईकोर्ट

कृषि भूमि में बेटियों को समान अधिकार देने पर सरकार अपना रूख बताए : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कृषि भूमि में बेटियों को समान उत्तराधिकार देने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार से स्पष्ट रुख बताने को कहा है। कोर्ट ने यूपी राजस्व संहिता की कुछ धाराओं को महिला-विरोधी बताते हुए उनकी संवैधानिक वैधता पर सरकार से जवाब मांगा है। सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अंतिम समय दिया गया है, अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।

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यूपी

बंपर पैदावार, फिर भी यूपी के आलू किसान क्यों परेशान?

उत्तर प्रदेश में बंपर आलू उत्पादन के बावजूद किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडियों में आलू 4–6 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही। मांग कमजोर और आपूर्ति ज्यादा होने के कारण कई किसानों को प्रति एकड़ 20–30 हजार रुपये का घाटा हो रहा है।

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10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

कर्ज माफी और ₹5000 पेंशन की मांग को लेकर प्रयागराज में जुटे किसान, 10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

प्रयागराज के माघ मेले में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अधिवेशन में किसानों ने शत-प्रतिशत कर्ज माफी और ₹5,000 वृद्धावस्था पेंशन की मांग उठाई। देशभर से आए किसानों ने सरकार की नीतियों पर नाराज़गी जताई और 10 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।

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मिनी केन हारवेस्टर

मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर

शाहजहाँपुर में गन्ना किसानों के लिए मिनी केन हारवेस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस मशीन से गन्ना कटाई-छिलाई आसान होगी, मजदूरी और लागत कम होगी तथा समय की बचत होगी। कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने हिस्सा लिया और नई गन्ना किस्मों व अंतरफसली खेती की जानकारी भी दी गई।

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