सस्ती होने से यूरिया किसानों की पहली पसंद

सस्ती होने से यूरिया किसानों की पहली पसंद, बिक्री बढ़ी लेकिन उत्पादन घटा

अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच यूरिया की बिक्री 3.8 प्रतिशत बढ़ी, जबकि देश में इसका उत्पादन घटा, जिससे आयात में बड़ी बढ़ोतरी हुई। सस्ती कीमत के कारण यूरिया किसानों की पहली पसंद बना हुआ है। डीएपी और अन्य खादों में उत्पादन-आयात का संतुलन बदला है। एफएआई के मुताबिक अब सरकार और उद्योग संतुलित खाद उपयोग पर ज्यादा जोर दे रहे हैं, ताकि मिट्टी और फसलों के हिसाब से सही मात्रा में खाद का इस्तेमाल हो सके।

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यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़ा

घरेलू उत्पादन घटा, यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़ा

चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में घरेलू उत्पादन घटने के कारण भारत का यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़कर 7.17 मिलियन टन हो गया। यूरिया और डीएपी में आयात पर निर्भरता बढ़ी है, जबकि देसी सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) की बिक्री और उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार आयात और घरेलू उत्पादन दोनों पर ध्यान दे रही है।

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