सरकार

देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

सरकार के मुताबिक 2025 में देश की करीब 73% उर्वरक ज़रूरत घरेलू उत्पादन से पूरी हुई और खाद का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। वहीं फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि इसी दौरान यूरिया और डीएपी के आयात में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। यानी एक तरफ उत्पादन बढ़ा है, तो दूसरी तरफ कुछ उर्वरकों के लिए आयात पर निर्भरता को लेकर चिंता भी बनी हुई है।

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यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़ा

घरेलू उत्पादन घटा, यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़ा

चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में घरेलू उत्पादन घटने के कारण भारत का यूरिया आयात दोगुने से ज्यादा बढ़कर 7.17 मिलियन टन हो गया। यूरिया और डीएपी में आयात पर निर्भरता बढ़ी है, जबकि देसी सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) की बिक्री और उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार आयात और घरेलू उत्पादन दोनों पर ध्यान दे रही है।

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यूरिया बिक्री में 20% की बढ़ोतरी

दिसंबर में खाद की खपत का बदला रुख: DAP की बिक्री घटी, यूरिया बिक्री में 20% की बढ़ोतरी

ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में DAP की बिक्री घटी, जबकि यूरिया की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री में मामूली बढ़त हुई है। सरकार का कहना है कि सभी प्रमुख खादों की उपलब्धता पर्याप्त है और पूरे महीने की मांग पूरी करने के लिए स्टॉक मौजूद है।

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यूरिया नीति

भारत में यूरिया नीति पर बड़ी समीक्षा, केंद्र सरकार ने संसद में कही ये बात

सरकार यूरिया की कीमत और लागत को लेकर बड़ी समीक्षा कर रही है। संसद में उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि एक रिपोर्ट की जांच चल रही है जिसमें सरकारी और सहकारी यूरिया फैक्ट्रियों के लिए फिर से ₹2,300 प्रति टन की न्यूनतम लागत लागू करने का सुझाव है। किसानों को यूरिया की कमी और कीमत को लेकर मुश्किलें आ रही हैं, इसलिए सरकार समाधान पर काम कर रही है।

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भारत और रूस

भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन

भारत और रूस मिलकर रूस में एक बड़ा यूरिया प्लांट बना रहे हैं जिसकी क्षमता सालाना 20 लाख टन होगी। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹10,790 करोड़ का निवेश होगा और उत्पादन 2027-28 से शुरू होने की उम्मीद है। रूस की कंपनी Uralchem की इसमें 50% हिस्सेदारी होगी, जबकि भारत की तीन कंपनियाँ IPL, RCF और NFL बाकी 50% हिस्सेदारी साझा करेंगी। इस प्लांट में बनने वाले यूरिया का कम से कम 50% भारत खरीदेगा, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी।

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सरकार के सामने आपूर्ति की चुनौती

नवंबर–दिसंबर में यूरिया-DAP की बढ़ती मांग, सरकार के सामने आपूर्ति की चुनौती

इस बार नवंबर–दिसंबर में यूरिया और डीएपी की मांग बहुत बढ़ गई है, क्योंकि रबी फसलों का रकबा 27% बढ़ा है। शुरुआती नवंबर में इन खादों की बिक्री पिछले साल से दोगुनी रही। यूरिया का स्टॉक पिछले साल की तुलना में कम है, इसलिए इसकी उपलब्धता चुनौती बन सकती है। मंत्रालयों के बीच तालमेल की कमी से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। सरकार ने कमी रोकने के लिए अप्रैल से अब तक 3.17 लाख छापे डालकर जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई की है और कह रही है कि किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

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सरकार ने बढ़ाया अमोनियम सल्फेट का उपयोग

यूरिया पर निर्भरता घटाने की तैयारी, सरकार ने बढ़ाया अमोनियम सल्फेट का उपयोग

सरकार ने रबी सीजन 2025-26 से अमोनियम सल्फेट को यूरिया का बेहतर विकल्प बनाकर सब्सिडी योजना (NBS) में शामिल किया है। अब किसानों को इस खाद पर ₹9,479 प्रति टन की सब्सिडी मिलेगी, जिससे इसकी कीमत घटकर लगभग ₹700 प्रति बोरा रह जाएगी।विशेषज्ञों के अनुसार, अमोनियम सल्फेट मिट्टी के लिए यूरिया से ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यह धीरे-धीरे नाइट्रोजन छोड़ता है और सल्फर की पूर्ति करता है।

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क्यों घट रही है यूरिया की आपूर्ति?

किसानों की सबसे बड़ी जरूरत पर संकट: क्यों घट रही है यूरिया की आपूर्ति?

खरीफ सीजन में कई राज्यों में यूरिया की किल्लत है। ज्यादा बारिश से बढ़ा उपयोग, वैश्विक दाम और चीन का निर्यात प्रतिबंध इसकी वजह बने। केंद्र अतिरिक्त आवंटन का दावा कर रहा है, पर राज्यों को कमी महसूस हो रही है। किसान परेशान हैं और नैनो यूरिया को विकल्प मानने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान का आश्वासन, किसानों तक लगातार पहुँचेगी खाद-यूरिया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना दौरे पर किसानों को भरोसा दिलाया कि खाद और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल जहां 23,585 मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी, वहीं इस साल अब तक 27,700 मीट्रिक टन यूरिया ज़िले में पहुँच चुका है। अच्छी बारिश और धान की अधिक बुआई से मांग बढ़ी है, लेकिन सरकार निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

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यूरिया

यूरिया के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर हो कार्रवाई, केंद्रीय कृषि मंत्री ने दिए केवल प्रमाणित 600 बायोस्टिमुलेंट बेचने के निर्देश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों के साथ दिल्ली में एक अहम बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें निगरानी करें कि यूरिया का खेती के अलावा कहीं और दुरुपयोग ना हो।अगर यूरिया-खाद की कालाबाजारी का संदेह हो तो, राज्य सरकारें कार्रवाई करें।कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभी तक प्रमाणित 600 बायोस्टुमिलेंट ही किसानों को बेचे जाएं।

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