केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह 

भारत “विश्व की डेयरी” है, कृषि GVA में 30 प्रतिशत का योगदान देता है डेयरी क्षेत्र

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने, पर्यावरण को बचाने और गोबर जैसे पशुधन का भी सही इस्तेमाल करने के लिए 15 राज्यों की 26 मिल्क कोऑपरेटिव के साथ एक समझौता किया गया। नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने तीन मार्च को नई दिल्ली में डेयरी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान ये समझौता किया है. रिपोर्ट के मुताबिक बायो गैस के लिए हुए इस समझौत के चलते मिल्क कोऑपरेटिव को तकनीकी, वित्तीय और कार्यान्वयन सहायता दी जाएगी. डेयरी सेक्टर में विकास को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी और नाबार्ड के बीच समझौता पर हस्ताक्षर किए गए हैं. 

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