गन्ने की फसल

गन्ने की फसल में बढ़ रहा है फड़का रोग का प्रकोप, गन्ना वैज्ञानिक से जानें उपचार के तरीके

गन्ना एक नकदी फसल है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। गन्ना किसानों की आय का एक मुख्य स्रोत भी है। आपको बता दें कि भारत में गन्ने की सबसे ज्यादा खेती उत्तर प्रदेश में होती है। यहां 28.53 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन पर गन्ने की खेती होती है, जिस पर लगभग 839 कुंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने का उत्पादन होता है। वर्तमान में प्रदेश के किसानों ने ग्रीष्मकालीन गन्ने की बुवाई की हुई है। इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में किसान फसल में पाइरीला का प्रकोप देख रहे हैं। पाइरीला को किसान फड़का रोग भी कहते हैं। इस रोग से बचाव के लिए प्रसिद्ध गन्ना वैज्ञानिक पद्मश्री बक्शीराम यादव ने किसानों को कुछ जरुरी टिप्स दिये हैं।

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अच्छी पैदावार के लिए 10 अप्रैल तक कर सकते हैं गन्ने की बुवाई, किसान इन बातों का भी रखें ध्यान

जिन किसानों ने अभी तक गन्ना नहीं बोया है और बोना चाहते हैं लेकिन उन्हें लगता है कि समय निकल गया है तो ऐसा नहीं है, आपके पास अभी भी समय है। उत्तर प्रदेश के धुरंधर गन्ना किसान अमर सिंह कहते हैं कि गन्ना बोने का सबसे उपयुक्त समय 15 मार्च से 10 अप्रैल तक है। वो करीब 40 एकड़ में जूस वाले गन्ने की खेती करते हैं। वो अपने तरीके से खेती करके प्रति एकड़ 600-800 क्विंटल की पैदावार लेते हैं।किसान अमर सिंह ने किसानों से समय पर बुवाई के अलावा अच्छी उपज लेने के लिए खेत की तैयारी, बीज की किस्म आदि बातों पर ध्यान देने को कहा है।

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गन्ने का sap बढ़ाया गया

इस तकनीक से बढ़ेगी गन्ने की पैदावार, सरकार भी दे रही है सब्सिडी

भारत में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यहां हर साल करीब 58 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है। गन्ना एक नकदी फसल है, इससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है। इसलिए किसान इसकी खेती में काफ़ी रुचि लेते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से इसकी खेती से किसान नाखुश नज़र आ रहे हैं। वजह है अधिक लागत के बावजूद पैदावार में कमी। कम पैदावार की सबसे बड़ी वजह है सिंचाई में आने वाली दिक्कत और दूसरा, गन्ने में लगने वाला लाला सड़न रोग जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। लेकिन यूपी में तकनीक के ज़रिए उत्पादन में वृद्धि देखी जा रही है और सरकार भी इसमें किसानों की मदद कर रही है।

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सहकारी चीनी मिलों

गन्ना आधारित प्लांट को बहु-फ़ीड आधारित इथेनॉल प्लांट में बदला जाएगा, बढ़ेगा इथेनॉल का उत्पादन

देश में सहकारी चीनी मिलों में गन्ने पर चलने वाला इथेनॉल प्लांट केवल गन्ने के सीजन में ही चलता है और बाकी सीजन में बंद रहता है। सरकार ने इन सहकारी मिलों के गन्ना इथेनॉल प्लांट को मल्टी फीड प्लांट में बदलने के लिए कहा है ताकि हर सीजन में मक्का आदि से इथेनॉल बनाने का काम चलता रहे। इसके लिए सरकार गन्ना आधारित इथेनॉल प्लांट को मल्टी फीड प्लांट में बदलने के लिए लोन पर ब्याज की छूट भी दे रही है। इससे चीनी मिलों को भी फ़ायदा होगा और साथ ही इथेनॉल उत्पादन भी बढ़ेगा।

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चीनी उत्पादन

गन्ने की सप्लाई कम होने के कारण भारतीय चीनी उत्पादन खपत से कम होने की उम्मीद

प्रमुख राज्यों में गन्ने की आपूर्ति में कमी के कारण 2024/25 विपणन वर्ष के लिए भारत का चीनी उत्पादन आठ वर्षों में पहली बार खपत से कम रहने का अनुमान है। उत्पादन घटकर 25.8 मिलियन मीट्रिक टन रहने की उम्मीद है, जबकि खपत 29 मिलियन टन रहने का अनुमान है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट…

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सहकारी चीनी मिलों

गन्ना वाले इथेनॉल प्लांट अब मक्के का भी कर सकते हैं इस्तेमाल, लोन और ब्याज पर छूट देगी सरकार

सहकारी चीनी मिलों (सीएसएम) की सुविधा के लिए, भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने संशोधित इथेनॉल ब्याज अनुदान योजना के तहत सीएसएम के लिए  योजना अधिसूचित की है। इसके तहत उनके गन्ना आधारित मौजूदा फीडस्टॉक इथेनॉल प्लांट को मक्का और क्षतिग्रस्त अनाज (डीएफजी) जैसे अनाज का उपयोग करने के लिए मल्टी-फीडस्टॉक आधारित प्लांटों में बदला जाएगा।

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यूपी के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी: गन्ने की दो नई किस्में, 19231 और 17451, लॉन्च

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने गन्ने की दो नई किस्में, 19231 और 17451, लॉन्च की हैं। गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने इस संबंध में कहा कि सरकार जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी करेगी। इन नई गन्ना किस्मों को शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान में विकसित किया…

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चीनी

चीनी उत्पादन में 12 प्रतिशत की गिरावट, ISMA का बयान

मार्केटिंग सीजन 2024-25 में फरवरी के मध्य तक भारत का चीनी उत्पादन 12 प्रतिशत घटकर 197 लाख टन रह गया है, जिसका मुख्य कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम उत्पादन है। उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में भी कमी देखी गई। इसके अतिरिक्त, इथेनॉल की ओर चीनी का डायवर्जन लगभग 14.1 लाख टन तक बढ़ गया।

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किसानों के लिए खुशखबरी: गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल गन्‍ने पर इतने रुपये मिलेंगे एक्स्ट्रा

बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान घोषणा की थी कि गन्ना किसानों को उनके प्रति क्विंटल गन्ने के मूल्य में 10 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। ये अतिरिक्त राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। ये भी पढ़ें…

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उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद ने गन्ने की दो नई किस्में की जारी

उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर ने राज्य में गन्ने की दो नई अगेती किस्में रिलीज़ की हैं। इन किस्मों को गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में मंजूरी दी गई। नई किस्मों में को. शा. 19231 को पूरे उत्तर प्रदेश के लिए और को. से. 17451 को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए…

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