चीनी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर

2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, ISMA का बड़ा अनुमान

2025-26 चीनी सीजन में देश का चीनी उत्पादन तेज़ी से बढ़ा है। 31 जनवरी तक 1.95 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल से 18% ज्यादा है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ISMA का अनुमान है कि पूरे सीजन में चीनी उत्पादन बढ़कर करीब 3.09 करोड़ टन तक पहुंच सकता है।

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चीनी उत्पादन

चीनी उत्पादन में 22% की बढ़ोतरी, न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग क्यों कर रही है ISMA?

2025–26 सीजन में 15 जनवरी तक देश का चीनी उत्पादन 22% बढ़कर 1.59 करोड़ टन पहुँच गया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, चीनी के दाम लागत से नीचे जाने और गन्ने की कीमतें बढ़ने से मिलों की हालत कमजोर हो रही है, जिससे किसानों को भुगतान में देरी का खतरा बढ़ गया है। ISMA ने चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को बढ़ाने की मांग की है।

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भारत का चीनी उत्पादन

देश की 89% चीनी सिर्फ तीन राज्यों से, NFCSF के आंकड़ों का खुलासा

2025-26 चीनी सीजन में 15 जनवरी तक भारत का चीनी उत्पादन 158.85 लाख टन पहुंच गया है, जो पिछले साल से 22% अधिक है। महाराष्ट्र में उत्पादन 50% बढ़ा है, जबकि उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में सीमित बढ़ोतरी हुई है। बेहतर रिकवरी रेट और ज्यादा पेराई से उत्पादन मजबूत रहा, वहीं सरकार ने 15 लाख टन चीनी निर्यात के तहत कोटे का तीसरा री-अलॉटमेंट भी जारी किया है।

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चीनी के MSP

चीनी के MSP बढ़ाने और निर्यात की अनुमति पर मंथन

सरकार चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य(MSP) बढ़ाने, निर्यात और एथनॉल आवंटन जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है, क्योंकि गन्ना किसानों का बकाया तेजी से बढ़ रहा है। खाद्य सचिव ने कहा कि अगले एक महीने में ऐसे फैसले लिए जाएंगे, जिससे उद्योग को राहत मिले और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

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इथेनॉल

चीनी उत्पादन में 43% की बढ़ोतरी, उद्योग ने MSP और इथेनॉल दाम बढ़ाने की अपील की

इस साल भारत में चीनी उत्पादन तेज़ी से बढ़ रहा है और केवल दो महीनों में उत्पादन 43% बढ़कर 4.11 मिलियन टन पहुँच गया है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश ने सबसे ज़्यादा उत्पादन किया है। चीनी मिलों और किसानों की बढ़ी लागत को देखते हुए ISMA ने सरकार से चीनी का MSP और इथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग की है।

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चीनी उत्पादन

देश में चीनी उत्पादन 10.50 लाख टन, जानिए क्या है वजह?

इस साल चीनी उत्पादन तेज शुरुआत के साथ 10.50 लाख टन पहुंच गया है, क्योंकि ज्यादा मिलों ने जल्दी क्रशिंग शुरू की। 2025-26 में कुल 350 लाख टन उत्पादन का अनुमान है। घरेलू जरूरत पूरी करने के बाद 20–25 लाख टन अतिरिक्त चीनी बचेगी जिसे निर्यात किया जा सकता है। मिलें MSP और एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग कर रही हैं, जबकि किसानों को AI आधारित गन्ना खेती अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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ISMA की रिपोर्ट

ISMA की रिपोर्ट: इस बार 18% ज्यादा होगी चीनी की पैदावार

इस साल देश में चीनी उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। ISMA की रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 सीजन में शुद्ध चीनी उत्पादन 18.5% बढ़कर 30.95 मिलियन टन तक पहुंच सकता है। महाराष्ट्र में 39%, कर्नाटक में 16%, और उत्तर प्रदेश में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है।बेहतर बारिश, बढ़े हुए क्षेत्रफल और हाईटेक खेती की वजह से उत्पादन में सुधार हुआ है।

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एथेनॉल उत्पादन

एथेनॉल उत्पादन में चीनी मिलों को मिली खुली छूट

भारत सरकार ने चीनी मिलों को गन्ने के रस, सिरप और शीरे से अपनी पसंद से एथेनॉल बनाने की आज़ादी दी है। इससे ज्यादा चीनी उत्पादन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।अनुमान है कि 2025-26 में चीनी उत्पादन 18% बढ़ेगा, इसलिए 11 मिलियन टन चीनी को एथेनॉल बनाने में डायवर्ट करना होगा।

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चीनी उत्पादन

भारत का चीनी उत्पादन 15 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद, जानिए क्या है कारण?

रेटिंग एजेंसी ICRA ने 2026 के लिए भारत के चीनी उत्पादन में 15% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में अनुकूल मानसून के कारण गन्ने की पैदावार में वृद्धि के कारण है। इस वृद्धि से चीनी कंपनियों के राजस्व में 6-8% की वृद्धि होने की संभावना है। हालाँकि चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।

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उत्पादन में गिरावट के बावजूद भारत का चीनी का अंतिम स्टॉक 2025 के अंत तक की मांग के लिए पर्याप्त है: NFCSF

मई के मध्य तक भारत के चीनी उत्पादन में 18.38% की गिरावट के साथ 25.74 मिलियन टन होने के बावजूद, समापन स्टॉक 4.8-5 मिलियन टन होने का अनुमान है, जो नवंबर 2025 तक घरेलू मांग के लिए पर्याप्त है। NFCSF को बेहतर मानसून और गन्ने की बुवाई में वृद्धि के कारण अगले सीजन में उत्पादन में उछाल की उम्मीद है। NFCSF ने सरकार से न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने और इथेनॉल उत्पादन का समर्थन करने को भी कहा है।

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