चीनी उत्पादन

चीनी उत्पादन में 22% की बढ़ोतरी, न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग क्यों कर रही है ISMA?

2025–26 सीजन में 15 जनवरी तक देश का चीनी उत्पादन 22% बढ़कर 1.59 करोड़ टन पहुँच गया है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, चीनी के दाम लागत से नीचे जाने और गन्ने की कीमतें बढ़ने से मिलों की हालत कमजोर हो रही है, जिससे किसानों को भुगतान में देरी का खतरा बढ़ गया है। ISMA ने चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को बढ़ाने की मांग की है।

पूरी र‍िपोर्ट
राज्य में चीनी उद्योग को फिर मिलेगी रफ्तार

गन्ना किसानों के अच्छे दिन? राज्य में चीनी उद्योग को फिर मिलेगी रफ्तार

बिहार सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 9 चीनी मिलों को पुनः शुरू करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए मुख्य सचिव की अगुवाई में एक टीम बनाई गई है जो मौजूदा बाधाओं की जांच कर समाधान करेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज

एथेनॉल रेट और शक्कर MSP बढ़ाने की मांग तेज, सरकार कर रही समीक्षा

सरकार शक्कर उद्योग की मांग पर शक्कर MSP बढ़ाने पर विचार कर रही है, क्योंकि लागत अब 40 रुपये/किलो तक पहुँच गई है। मिलें एथेनॉल कीमत बढ़ाने की भी मांग कर रही हैं, क्योंकि मौजूदा दरों पर नुकसान हो रहा है। सरकार पहले 15 लाख टन निर्यात के असर को देखकर MSP पर फैसला करेगी।

पूरी र‍िपोर्ट
चीनी उत्पादन

देश में चीनी उत्पादन 10.50 लाख टन, जानिए क्या है वजह?

इस साल चीनी उत्पादन तेज शुरुआत के साथ 10.50 लाख टन पहुंच गया है, क्योंकि ज्यादा मिलों ने जल्दी क्रशिंग शुरू की। 2025-26 में कुल 350 लाख टन उत्पादन का अनुमान है। घरेलू जरूरत पूरी करने के बाद 20–25 लाख टन अतिरिक्त चीनी बचेगी जिसे निर्यात किया जा सकता है। मिलें MSP और एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग कर रही हैं, जबकि किसानों को AI आधारित गन्ना खेती अपनाने की सलाह दी जा रही है।

पूरी र‍िपोर्ट
एथेनॉल से बची शुगर इंडस्ट्री

एथेनॉल से बची शुगर इंडस्ट्री, खेती में चाहिए नई तकनीक: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश की शुगर इंडस्ट्री सिर्फ एथेनॉल की वजह से बची हुई है और खेती में नई तकनीकों की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि विदर्भ और मराठवाड़ा में किसानों की आत्महत्याओं की मुख्य वजह पानी की कमी रही है। गडकरी ने कहा कि चीनी की अधिकता होने के बावजूद मिलें एथेनॉल उत्पादन से चल रही हैं।

पूरी र‍िपोर्ट
एथेनॉल उत्पादन

एथेनॉल उत्पादन में चीनी मिलों को मिली खुली छूट

भारत सरकार ने चीनी मिलों को गन्ने के रस, सिरप और शीरे से अपनी पसंद से एथेनॉल बनाने की आज़ादी दी है। इससे ज्यादा चीनी उत्पादन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।अनुमान है कि 2025-26 में चीनी उत्पादन 18% बढ़ेगा, इसलिए 11 मिलियन टन चीनी को एथेनॉल बनाने में डायवर्ट करना होगा।

पूरी र‍िपोर्ट
एथनॉल की खरीद

चीनी उद्योग ने एथनॉल की खरीद कीमतों में संशोधन की मांग की, जानिए क्या है वजह?

चीनी उद्योग ने इथेनॉल खरीद मूल्यों में संशोधन और मिश्रण लक्ष्य को 20% से आगे बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि राष्ट्रीय इथेनॉल कार्यक्रम में इस क्षेत्र का योगदान 73% से घटकर केवल 28% रह गया है। इस गिरावट का मुख्य कारण यह है कि गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य या एफआरपी में वृद्धि के अनुरूप इथेनॉल खरीद मूल्यों में वृद्धि नहीं की गई है, जिससे चीनी मिलों के लिए इथेनॉल उत्पादन कम लाभदायक हो गया है। आपको बता दें कि इस वर्ष 40 लाख टन तक चीनी को इथेनॉल में परिवर्तित करने की संभावना है, परन्तु केवल 32 लाख टन चीनी ही इथेनॉल में परिवर्तित होने की उम्मीद है।

पूरी र‍िपोर्ट
योगी सरकार

योगी सरकार ने प्रदेश में गन्‍ना भुगतान में देरी करने वाले 6 चीनी मिलों के खिलाफ वसूली के लिए जारी किए निर्देश

योगी सरकार ने गन्ना किसानों की बकाया राशि के भुगतान के लिए चीनी मिलों के लिए निर्देश जारी किए हैं. वर्तमान में 6 चीनी मिलों को निर्देशों के अनुसार समय पर भुगतान नहीं करने के कारण उनके खिलाफ वसूली प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं. जिसमें बरखेड़ा-पीलीभीत, मकसूदापुर-शाहजहांपुर, बहेड़ी और नवाबगंज-बरेली, कुन्दुरखी-गोण्डा और मलकपुर-बागपत चीनी मिल शामिल हैं.

पूरी र‍िपोर्ट
गन्ना

गन्ना और चीनी उद्योग को लेकर क्या है योगी सरकार का प्लान?

देश के गन्ना एवं चीनी उद्योग में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि सबसे अधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। राज्य में इस उद्योग को और आगे बढ़ाने और किसानों को लाभ देने के लिए राज्य की योगी सरकार ने वर्ष 2027-28 तक गन्ना और चीनी उद्योग के ग्रॉस वैल्यू आउटपुट (जीवीओ) को मौजूदा 1.32 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।इसके लिए राज्य के गन्ना किसानों को कम लागत में बेहतर और अधिक उत्पादन लेने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

पूरी र‍िपोर्ट
चीनी

सरकार ने तय की अप्रैल के लिए चीनी की स्टॉक होल्डिंग लिमिट, तोड़ने वाली चीनी मिलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

भारत सरकार चीनी की जमाखोरी और बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए तय की गई मासिक स्टॉक लिमिट को तोड़ने वाली चीनी मिलों पर सख्त कार्रवाई करेगी। नए दिशा-निर्देशों में पेनल्टी और बार-बार उल्लंघन के लिए सरकारी लाभों से अयोग्यता शामिल है।अप्रैल 2025 से प्रभावी इन उपायों का उद्देश्य स्थिर चीनी सप्लाई बनाए रखना और कीमतों को नियंत्रित करना है।

पूरी र‍िपोर्ट