उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम

उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, पश्चिमी विक्षोभ से बारिश-बर्फबारी के आसार

उत्तर भारत में 27- 28 जनवरी को एक तेज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश, तेज हवा और ठंड बढ़ने की संभावना है। कोहरा और शीतलहर का असर भी जारी रह सकता है, ऐसे में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड

उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड, पहाड़ी इलाकों में पाला और बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन

मौसम विभाग के अनुसार अगले 5–7 दिनों तक उत्तर और मध्य भारत में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। कई राज्यों में कोल्ड वेव, पाला और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं दक्षिण भारत में 8 से 11 जनवरी के बीच तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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बारिश

1-15 अगस्त के बीच मानसूनी बारिश 20 प्रतिशत कम, जानिए कहाँ कितनी हुई बारिश?

पूरे देश में 1-15 अगस्त के दौरान 107.2 मिमी बारिश हुई है, जो दीर्घावधि औसत (एलपीए) 133.3 मिमी से 19.6 प्रतिशत कम है, जिससे कुल मौसमी वर्षा दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 100 प्रतिशत पर पहुँच गई है। हालाँकि, देश के कुल क्षेत्रफल के 9 प्रतिशत हिस्से वाले 4 राज्यों (बिहार, असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय) के केवल तीन मौसम विज्ञान उपखंडों में 1 जून से 15 अगस्त के बीच कम बारिश हुई है।

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असमान बारिश

असमान बारिश के बाद फसल की कीमतों में आपूर्ति संबंधी झटके के लिए रहें तैयार: ICICI Bank

आईसीआईसीआई बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारत में असमान बारिश से निकट भविष्य में फसल की कीमतों में आपूर्ति संबंधी झटका लगने की आशंका है। कुछ राज्यों में जहाँ अत्यधिक वर्षा देखने को मिल रही है, वहीं अन्य राज्यों में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुँच सकता है। इसके बावजूद, कुल मिलाकर खरीफ की बुवाई में सकारात्मक वृद्धि देखी जा रही है, लेकिन क्षेत्रीय असमानताओं के कारण कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

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बारिश - News Potli

समय से पहले मानसून की बारिश का भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?

आईएमडी के मुताबिक 2025 में भारत में औसत से ज़्यादा मॉनसून बारिश होने की संभावना है। केरल में मॉनसून समय से पहले ही आ गया। यह तय समय से आठ दिन पहले है। बारिश कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ज़रूरी है। अच्छी बारिश से खाद्य पदार्थों की कीमतें स्थिर हो सकती हैं। इससे भारतीय रिज़र्व बैंक को ब्याज दरें कम करने में मदद मिल सकती है।

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बारिश

इस साल जमकर होगी बारिश, आईएमडी ने 105 प्रतिशत बारिश का लगाया अनुमान

देश में मानसून की बारिश का एक और अच्छा वर्ष होने के लिए तैयार है, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आगामी जून-सितंबर मानसून सीजन में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया है।मौसम के लिए अपने पहले दीर्घकालिक पूर्वानुमान में आईएमडी ने कहा कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ), हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) और उत्तरी ध्रुव के आसपास बर्फ-आवरण सहित भारतीय मानसून के सभी मुख्य चालक अनुकूल हैं।

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'बारिश और ओलावृष्टि

ओलावृष्टि से हुए फ़सल नुकसान की भरपाई के लिए फिर खोला गया क्षतिपूर्ति पोर्टल, सीएम नायब सिंह सैनी ने दी जानकारी

‘बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है और इसके बारे में किसानों को एसएमएस के माध्यम से जानकारी भी दी गई है. किसान पोर्टल पर ओलावृष्टि और भारी बारिश से हुए नुकसान को दर्ज करवा सकते हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके.’ पंचकूला में आयोजित पूर्व बजट परामर्श के दौरान बोले हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी.

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