MSP: गेहूं और सरसों समेत रबी सीजन की 6 फसलों के लिए नई न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी
2023-24 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति कुंटल था। गेहूं की दरों में 150 रुपए प्रति कुंटल की बढ़ोतरी हुई है।
2023-24 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति कुंटल था। गेहूं की दरों में 150 रुपए प्रति कुंटल की बढ़ोतरी हुई है।
21 अक्टूबर को शाहजहांपुर में होने वाले मिठास मेले में नए कृषि यंत्रो एवं गन्ने की किस्मों की प्रदर्शनी, गन्ना उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों का प्रैक्टिकल और गन्ना किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
17 अक्टूबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने घोषणा पत्र को वचन पत्र का नाम दिया है। वचन पत्र में महिला, युवा वर्ग, किसान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति और पिछडा वर्ग, कर्मचारियों के लिए कई वादे किए हैं। किसानों के लिए किए गए मुख्य वादों की सूची नीचे है।
90 एकड़ में अमरुद, केला और लीची के पौधो के लिए सिंचाई और फर्टिगेशन करने का काम बहुत सारे मजदूरों से नहीं बल्कि एक ऑटोमेशन मशीन से ही हो जाता है। हर पौधे को मिल जाता है जरूरत के हिसाब से पौषण और पानी जिससे फसल की बढ़वार एक समान और एक समय पर होती है।
Renewable Energy, खासकर सोलर पावर से ग्रामीण इलाकों में बड़ा बदलाव आ रहा है। सोलर पंप से किसानों के सिंचाई के लिए बिजली और डीजल का पैसा बच रहा है, अंधेरे घरों में उजाला हो रहा है। सोलर से आटा चक्की से लेकर कई कुटीर उद्योग चल रहे हैं। सोलर से समृद्धि में ऐसे ही…
लगातार हो रही वर्षा पपीता उत्पादक किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि पपीता के खेत समतल नही है। जल की निकास की सुविधा ठीक नहीं है और खेत में पानी 24 घंटे से ज्यादा लग गया तो पपीता के पौधों को बचा पाना बहुत मुश्किल है।
करनालः करनाल में सेलिब्रेटिंग फार्मर ग्रुप से जुड़े किसान मनदीप पहल 2015 से आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। उन्होनें आस पास के कई दूसरे जैविक किसान के साथ मिलकर करनाल में ही जैविक उत्पाद के लिए सेलिंग स्टोर खोला है। इस स्टोर की खास बात ये ही कि यहां मिलती है गन्ने के रस से…
मिथिलेश देसाई को 86 अलग-अलग तरह के कटहल के किस्मों को उपजाने के लिए जाना जाता है और इस विलक्षण उपलब्धि ने उन्हें वैश्विक स्तर पर उनको पहचान दिलाई है।
अंतरराष्ट्रीय संस्था क्रिसिल की रिपोर्ट ने प्याज की बढ़ने वाली कीमत के 4 कारणों को सामने रखा और बताया कि प्याज की बढ़ती अनुमानित कीमत 70 रुपए प्रति किलो तक हो सकती है।
टमाटर देश की दूसरी सर्वाधिक उपजाई जाने वाली सब्जी की फसल है। बाजार के भाव में भी बदलाव होता रहता है जिस वजह से उचित कीमत उठा पाना किसानो के लिए संभव नहीं है। अगर किसान प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के तरीको को अपनाता है तो उचित लाभ कमा सकता है।