Solar Pump Subsidy:अनुदान पर उत्तर प्रदेश के किसानों को सोलर पंप लगवाने का सुनहरा मौका, इस तारीख तक करें आवेदन

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। 16 जनवरी से 20 जनवरी तक सोलर पम्प लगवाने के लिये आवेदन किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार PM KUSUM YOJANA के तहत यूपी के किसानों को खेती में मदद के लिये सोलर पम्प लगवाने पर सब्सिडी दे रही है ,इसके लिये आज से ही आवेदन करना अनिवार्य है। कब और कैसे करें…

पूरी र‍िपोर्ट
how to make compost khad at home in hindi

सरल कंपोस्ट: 45 दिन में तैयार करें गोबर की दमदार खाद 

गोबर की खाद दमदार होती है, ये पूरी दुनिया मानती है लेकिन गोबर खेत में असर तभी करेगा जब वो कंपोस्ट में बदल चुका है। गोबर और जैव कचरे को कंपोस्ट खाद बनने यानि सड़ने गलने में कई महीने लग जाते हैं, कई बार तो साल-साल भर में ये काम होता है। लेकिन राजस्थान के…

पूरी र‍िपोर्ट
आशीष तिवारी अपने भाई अतुल तिवारी के साथ स्प्रिंकलर सिस्टम फिट करते हुए।

तकनीक से तरक्की पार्ट-7: स्प्रिंकलर से आलू की खेती, महीने में 80 हजार से 1 लाख की कमाई

कन्नौज (उत्तर प्रदेश)। आलू सब्जियों का राजा है। धान-गेहूं की तरह भी आलू करोड़ों लोगों की भूख मिटाता है। आलू उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है। भारत में सबसे ज्यादा आलू उत्तर प्रदेश में पैदा होता है। सर्दियों के मौसम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सफर करेंगे तो चारों तरफ आलू ही नजर…

पूरी र‍िपोर्ट
mulching paper

फसल के अनुसार करें मल्चिंग सीट की मोटाई और रंग का चयन

मल्चिंग का मतलब सिर्फ प्लास्टिक की पन्नी नहीं है। मल्चिंग से कई फायदे होते हैं, लेकिन वो फायदे तभी मिलेंगे जब सही फसल के लिए सही मल्चिंग की चुनाव किया जाए, अलग-अलग फसल के लिए मल्चिंग की मोटाई (माइक्रॉन) अलग-अलग होना चाहिए। मल्चिंग पेपर, समेत कई तरह के कृषि में उपयोग किए जाने वाले फैब्रिक…

पूरी र‍िपोर्ट
p sainath on farmers issue and indian agriculture

कॉरपोरेट ने हिंदुस्तान की खेती बाड़ी को हाईजैक कर लिया है: पी साईनाथ

भारत की कृषि, किसानों का संकट, कृषि की अर्थव्यवस्था, एमएसपी और किसान आंदोलन के संदर्भ में न्यूज पोटली ने पी साईनाथ से लंबी वार्ता की। देखिए उसके कुछ खास अंश। “मैं पांच शब्द में कृषि संकट को बताता हूं। Corporate Takeover of Indian Agriculture, कॉरपोरेट ने हिंदुस्तान की खेती बाड़ी को हाईजैक कर लिया है।…

पूरी र‍िपोर्ट
Taknik Se Tarakki l Onion Farmer l Jain Irrigation

तकनीक से तरक्की पार्ट- 6 : खेती में मशीनों का साथ, किसान की आमदनी 50 लाख 

जुन्नर (महाराष्ट्र)। अगर आप पुणे, नाशिक या मुंबई में रहते हैं, तो सकता है, आपके घर की सब्जी जुन्नर से आई हो। महाराष्ट्र के ये बड़े शहर ही नहीं कई बार दिल्ली वाले भी जुन्नर के नारायणगांव का टमाटर और प्याज खाते हैं। पुणे की सब्जी बेल्ट कही जाने वाली जुन्नर तालुका में किसान बड़े…

पूरी र‍िपोर्ट
Driver is on bullock cart to control bull speed and direction

बैलगाड़ी शर्यतः बैलों की रेस में थार गाड़ी का ईनाम

शर्यत जैसे आयोजन ग्रामीण इलाकों में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इन यात्राओं, मेलों में हजारों लोग जुटते हैं, सैकड़ों दुकानदार आते हैं। ग्रामीण खेती से जुड़े उपकरण, पशुओं की साज सज्जा से जुडा सामान खरीदते हैं। और ये पूरा आयोजन एक त्योहार सा बन जाता है।

पूरी र‍िपोर्ट
sugarcane farming sugarcane farming with drip irrigation

कम पानी में गन्ने की खेती और ड्रिप इरिगेशन की जरुरत- डॉ. अंकुश चोरमुले

सांगली (महाराष्ट्र)। गन्ना और केला ऐसी फसलें हैं, जिन्हें ज्यादा पानी वाली फसलें माना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है गन्ने की फसल को बहुत ज्यादा पानी की जरुरत नहीं होती है। गन्ना विशेषज्ञ और महाराष्ट्र के गन्ना किसान डॉ. अंकुश चोरमुले बता रहे हैं कि कम पानी में गन्ने की खेती कैसे की…

पूरी र‍िपोर्ट
Mahadev Patel and his younger brother inspecting his vegetable farm

तकनीक से तरक्की- पार्ट 4 : ड्रिप इरिगेशन का कमाल, 50-60 लाख की सब्जियां उगाता है किसान

महादेव और उनके भाई को खरगोन समेत पूरे निमाड में सब्जी वाले किसान के रूप में जाना जाता है। उनके खेतों के टमाटर, मिर्च खीरा, देश के कई इलाकों में सप्लाई होता है। महादेव के कंधे से कंधा मिलाकर खेती करने वाले छोटे भाई कहते हैं, पानी, ड्रिप इरीगेशन और उनके भाई की मेहनत ने ये करिश्मा किया है।

पूरी र‍िपोर्ट
yadaunandan singh feeling confident after using all agri technoolgy in his field

तकनीक से तरक्की पार्ट 2- धान गेहूं की जगह बागवानी की नई फसलें और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कमाई कर रहे यदुनंदन

हमने अपनी खेती को बांट रखा है। एक हिस्से में 30-50 दिन की फसल होती है, तो किसी हिस्से में 3 महीने वाली, किसी खेत में 6 महीने तो किसी में 1 साल से लेकर डेढ़ साल तक वाली। यहां कि हमने जो अगर वुड और सागौन लगाया वो 10 साल में तैयार होंग। ये सब हमें समय- पर पैसे देते रहेंगे।

पूरी र‍िपोर्ट