प्राकृतिक खेती अब युवाओं की पसंद

प्राकृतिक खेती अब युवाओं की पसंद — पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत ने इस साल 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले 10 सालों में उत्पादन में 100 मिलियन टन की वृद्धि हुई है। उन्होंने कोयंबटूर में प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी में युवाओं द्वारा अपनाई जा रही नेचुरल फार्मिंग की सराहना की। इस सम्मेलन का उद्देश्य रासायनिक रहित खेती, टिकाऊ मॉडल और किसानों को बाज़ार से जोड़ना था।

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पीएम मोदी ने 'मन की बात' में कोरापुट कॉफी की खासियत

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कोरापुट कॉफी की खासियत और ओडिशा के किसानों की सफलता की सराहना की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कोरापुट कॉफी की तारीफ की और इसे ओडिशा का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि इसका स्वाद अद्भुत है और इसके उत्पादन से किसानों, खासकर महिला किसानों की जिंदगी में सम्मान और समृद्धि आई है। पीएम मोदी ने भारतीय कॉफी की विविधता और वैश्विक लोकप्रियता पर भी जोर दिया, जिसमें कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर के क्षेत्र शामिल हैं।

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'स्वीट रिवॉल्यूशन'

पिछले दस सालों में 60 प्रतिशत बढ़ा शहद उत्पादन … जानिए पीएम मोदी ने ‘स्वीट रिवॉल्यूशन’ के बारे में क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में मधुमक्खी पालन का भी जिक्र किया और बढ़ते शहद उत्पादन पर खुशी जाहिर की. पीएम मोदी ने शहद की मिठास को आत्मनिर्भर भारत का स्वाद बताया. उन्होंने कहा ” 20 मई को ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ मनाया गया, यानी एक ऐसा दिन जो हमें याद दिलाता है कि शहद सिर्फ मिठास नहीं, बल्कि सेहत, स्वरोजगार, और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी है. पिछले 11 वर्षों में, मधुमक्खी पालन में, भारत में एक ‘स्वीट रिवॉल्यूशन’ हुआ है. आज से 10-11 साल पहले भारत में शहद उत्पादन एक साल में करीब 70-75 हजार मीट्रिक टन होता था. आज यह बढ़कर करीब-करीब सवा लाख मीट्रिक टन के आसपास हो गया है, यानी शहद उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.”

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सचेत ऐप

क्या है Sachet App? पीएम मोदी ने मन की बात में क्यों किया इसका जिक्र… जानें किसानों के लिए कितना उपयोगी है यह ऐप?

मन की बात कार्यक्रम के दौरान ‘सचेत ऐप’ के फायदे गिनाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि “बाढ़, चक्रवात, सुनामी, जंगलों में आग, हिमस्खलन, आंधी, तूफान और बिजली गिरने जैसी आपदाओं से पहले ‘सचेत’ ऐप आपको सूचित कर देगा। यह ऐप क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी देता है।

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