बिहार

मखाना बोर्ड गठन: बिहार के मखाना किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद

केंद्र सरकार ने बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया है, जिससे लगभग पांच लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इससे मखाना उत्पादन, प्रोसेसिंग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। पिछले सालों में उत्पादन का क्षेत्र 13,000 से 35,224 हेक्टेयर तक बढ़ा है और राजस्व भी 3.83 करोड़ से 17.52 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। बोर्ड से किसानों की आय और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

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नवरात्रि पर किसानों को मिला बड़ा तोहफा

नवरात्रि पर किसानों को मिला बड़ा तोहफा: जीएसटी सुधार और नए कृषि उपकरणों का वितरण

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित आईसीएआर संस्थान में किसानों को कृषि उपकरण और इनपुट किट वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लागू किए गए जीएसटी सुधारों से जनता और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जैसे 35 एचपी ट्रैक्टर पर 43 हज़ार रुपये की बचत। चौहान ने आईसीएआर के नए कृषि यंत्रों को समय बचाने और उत्पादकता बढ़ाने वाला बताया और किसानों से इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने को कहा ।

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हरियाणा

हरियाणा सरकार ने गेहूं के प्रमाणित बीज पर सब्सिडी बढ़ाई

हरियाणा सरकार ने गेहूं के प्रमाणित बीज पर सब्सिडी 1000 से बढ़ाकर 1075 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। सरकारी एजेंसियों के माध्यम से बीज पूरे राज्य में किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से उच्च गुणवत्ता वाले बीज का उपयोग बढ़ेगा, लागत कम होगी और किसानों की कुल आय में सुधार होगा।

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कृषि और डेयरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा।

कृषि और डेयरी सेक्टर को राहत, जीएसटी 2.0 सुधार लागू

आज 22 सितंबर से लागू जीएसटी 2.0 सुधारों से कृषि और डेयरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। उर्वरक, जैव-कीटनाशक और कृषि उपकरणों पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। डेयरी उत्पादों पर भी टैक्स घटाकर 0-5% कर दिया गया है, जिससे करीब 8 करोड़ किसानों और 19 लाख करोड़ रुपये के डेयरी उद्योग को सीधा लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से किसानों को राहत, उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर पोषण और उद्योग को विकास की नई गति मिलेगी।

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ICAR की सलाह

ICAR की सलाह: दीमक, सफेद मक्खी और कीटों से फसलों की सुरक्षा के लिए तुरंत करें ये उपाय

ICAR ने किसानों को चेतावनी दी है कि मौजूदा मौसम में दीमक, सफेद मक्खी, चूसक कीट और अन्य कीटों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कीट दिखते ही तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाना जरूरी है। क्लोरपाइरीफॉस और इमिडाक्लोप्रिड जैसी दवाओं के सही अनुपात में छिड़काव, फीरोमोन ट्रैप का उपयोग और विषाणु रोग प्रभावित पौधों को हटाना प्रभावी उपाय हैं। नियमित निगरानी और समय पर दवा का इस्तेमाल फसल की सुरक्षा, उपज और गुणवत्ता बढ़ाने का सबसे असरदार तरीका है।

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भोपाल सिंह बने स्मार्ट किसान

स्प्रिंकलर से सोलर मशीन तक, कैसे भोपाल सिंह बने स्मार्ट किसान का उदाहरण

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के देयंगल गांव के किसान भोपाल सिंह ने पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक तकनीक अपनाई और अपनी 7-8 बीघा जमीन से सालाना 12-15 लाख रुपये तक कमाई शुरू की। उन्होंने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, ट्रैक्टर, सीड ट्रांसप्लांटर, पावर स्प्रेयर जैसी मशीनों और सोलर उपकरणों का इस्तेमाल कर खेती को आसान और मुनाफेदार बनाया। भोपाल सिंह का मानना है कि खेती में सफलता के लिए स्मार्टवर्क जरूरी है।

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता करीब

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता करीब, कृषि क्षेत्र पर क्या होगा असर?

भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर खत्म होने की संभावना है और जल्द ही ट्रेड डील पर सहमति बन सकती है। अमेरिका चाहता है कि भारत दूध पाउडर, चीज़, सोयाबीन जैसी वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध और टैरिफ कम करे तथा GM फसलों की मंजूरी दे। लेकिन भारत अपने किसानों की सुरक्षा के लिए इन मांगों पर सहमत नहीं है, क्योंकि अमेरिकी कृषि उत्पाद सस्ते और सब्सिडी वाले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डील से व्यापार में सुधार होगा, मगर किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

किसानों के लिए बड़ी राहत, कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर होंगे सस्ते

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि अब कृषि मशीनरी पर जीएसटी घटकर 5% हो गया है। इससे ट्रैक्टर और उपकरण काफी सस्ते हो गए हैं, जिससे किसानों को ₹41,000 से लेकर ₹1.87 लाख तक की बचत होगी। मंत्री ने कहा कि इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुँचना चाहिए और बिचौलियों को हटाना जरूरी है। आगामी 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले “विकसित कृषि संकल्प अभियान” में किसानों को इन सुधारों की जानकारी दी जाएगी।

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MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन

MSP से नीचे बिक रही खरीफ की दालें और तिलहन, किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ सीजन 2025-26 की दालें और तिलहन इस बार MSP से काफी कम दामों पर बिक रहे हैं। मूंग, उड़द और तूर औसतन 1,500–1,700 रुपये प्रति क्विंटल तक सस्ते हैं, वहीं मूंगफली और सोयाबीन भी MSP से नीचे बिक रहे हैं। कीमतें गिरने की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार और सस्ते आयात को माना जा रहा है। कर्नाटक और तेलंगाना ने सरकार से तुरंत खरीद शुरू करने और मात्रा सीमा खत्म करने की मांग की है।

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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में अतिवृष्टि: मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दिया मुआवजे का आश्वासन, मृतक परिवार को 4 लाख की सहायता

महाराष्ट्र में अतिवृष्टि और बाढ़ से लगभग 30 जिले प्रभावित हुए हैं, जिसमें करीब 18 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुईं। राज्य के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों को अधिकतम मुआवजा और राहत राशि का आश्वासन दिया। इसी दौरान बाढ़ में डूबकर जान गंवाने वाले काकोड़ा निवासी किरण सावले के परिवार को 4 लाख रुपये का चेक भी दिया।

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