सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र का जवाब, पीली मटर आयात से फसलों पर संकट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है कि पीली मटर के आयात को रोकना चाहिए या नहीं। किसान संगठन का कहना है कि सस्ती पीली मटर के आयात से तूर, मूंग और उड़द जैसी दालों की फसल प्रभावित हो रही है। वकील प्रशांत भूषण ने बताया कि कई सरकारी रिपोर्टों ने आयात रोकने और देश में दाल उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है। कोर्ट ने बाजार में कमी और स्वास्थ्य प्रभाव पर भी सवाल उठाए हैं।

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महाराष्ट्र में खरीफ फसलों को भारी नुकसान

महाराष्ट्र में खरीफ फसलों को भारी नुकसान, किसानों पर संकट बढ़ा

महाराष्ट्र में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। राज्य के 30 जिलों में करीब 70 लाख एकड़ फसलें प्रभावित हुई हैं, सोयाबीन और कपास सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरने ने किसानों को वित्तीय मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, किसान समूहों ने पूरे कर्ज माफ करने और व्यापक राहत पैकेज की मांग की है।

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नई फसल आने तक नहीं होगा फैसला

गेहूं निर्यात पर सरकार सख्त, नई फसल आने तक नहीं होगा फैसला

खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि गेहूं और उससे बने उत्पादों का निर्यात नई फसल आने तक नहीं होगा और प्राथमिकता देश की खाद्य सुरक्षा है। वहीं, रोलर फ्लोर मिलर्स ने आटा, मैदा और सूजी के चरणबद्ध निर्यात की मांग की, साथ ही PDS के लिए पर्याप्त भंडारण और जीएसटी में राहत की अपील की। सरकार ने 2022 में निर्यात पर रोक लगाई थी, जबकि 2024-25 में रिकॉर्ड 1175 लाख टन उत्पादन का अनुमान है।

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क्यों घट रही है यूरिया की आपूर्ति?

किसानों की सबसे बड़ी जरूरत पर संकट: क्यों घट रही है यूरिया की आपूर्ति?

खरीफ सीजन में कई राज्यों में यूरिया की किल्लत है। ज्यादा बारिश से बढ़ा उपयोग, वैश्विक दाम और चीन का निर्यात प्रतिबंध इसकी वजह बने। केंद्र अतिरिक्त आवंटन का दावा कर रहा है, पर राज्यों को कमी महसूस हो रही है। किसान परेशान हैं और नैनो यूरिया को विकल्प मानने पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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APEDA

गैर-बासमती चावल निर्यात के लिए APEDA में कॉन्ट्रैक्ट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

सरकार ने गैर-बासमती चावल के निर्यात के लिए नया नियम लागू किया है। अब निर्यात केवल तभी होगा जब कॉन्ट्रैक्ट APEDA में रजिस्टर किया जाए। यह कदम पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इस बीच, अप्रैल-अगस्त 2025 में भारत का चावल निर्यात 6.4% बढ़कर 4.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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बिहार

बिहार बना देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य

बिहार ने शहद उत्पादन में तेजी दिखाई है और 2023-24 में 18,030 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन कर देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन गया। इससे हजारों लोगों को रोजगार और बेहतर आजीविका मिली है। लीची, सरसों, महुआ और जामुन की फसलों से उच्च गुणवत्ता वाला शहद तैयार होता है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और 75–90% अनुदान से मधुमक्खी पालन में नए किसान भी जुड़ रहे हैं।

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पराली जलाने के सीजन की शुरुआत

पराली जलाने के सीजन की शुरुआत: पहले हफ्ते में 64 मामले दर्ज, पंजाब सबसे आगे

पराली जलाने के सीज़न के पहले हफ़्ते में 64 मामले दर्ज हुए, जो पिछले साल से 15% कम हैं। इनमें सबसे ज्यादा 56 मामले पंजाब से आए। पिछले पूरे सीज़न में घटनाएं 34% घटी थीं। सरकार जागरूकता अभियान और मशीनरी उपलब्ध करा रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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उत्तर प्रदेश और गुजरात

उपज खरीद को लेकर बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश और गुजरात में उड़द, तूर, मूंग, मूंगफली, तिल और सोयाबीन की खरीद को मंजूरी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश और गुजरात में किसानों की उपज खरीद को मंजूरी दी है। यूपी में उड़द, तूर, मूंग, तिल और मूंगफली, जबकि गुजरात में सोयाबीन, मूंग, मूंगफली और उड़द खरीदी जाएगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होगी ताकि बिचौलिए लाभ न उठा सकें और भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में हो। कुल 13,890.60 करोड़ रुपये की इस खरीदी से दोनों राज्यों के लाखों किसानों को फायदा होगा।

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खरीफ सीजन 2025

खरीफ सीजन 2025: बुवाई में मक्का की बढ़त, धान और तेलहन प्रभावित

इस साल मॉनसून जल्दी शुरू होने के बावजूद खरीफ फसलों की बुवाई में मिश्रित परिणाम रहे। मक्का और मोटे अनाज की बुवाई बढ़ी, जबकि धान, दालें, तेलहन और कपास के क्षेत्र में या तो स्थिरता रही या कमी दर्ज हुई। कुल मिलाकर, किसानों ने मक्का और टिकाऊ फसलों पर ज्यादा भरोसा किया।

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मराठवाड़ा में बारिश-बाढ़ से तबाही

महाराष्ट्र: किसानों को 2,215 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान, दिवाली से पहले खाते में जमा होंगे रुपये!

मराठवाड़ा और आसपास के जिलों में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 75 मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई, 22 गांवों का संपर्क टूट गया और 228 लोग फंसे रहे। अब तक चार लोगों और 76 मवेशियों की मौत हुई है। प्रशासन, सेना और एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटे हुए हैं। 18 लाख हेक्टेयर से ज्यादा फसलें डूब चुकी हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए दिवाली से पहले 2215 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का ऐलान किया है। मौसम विभाग ने आगे भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है, और कृषि विभाग ने किसानों से सावधानी बरतने की अपील की है।

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