भारत-अमेरिका डील

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनशील फसलों और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसान संगठनों और विपक्ष ने GM उत्पादों के “पिछले दरवाजे” से आने की आशंका जताई है, जबकि सरकार ने अपनी पुरानी GM नीति में कोई बदलाव न होने की बात कही है।

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आठ करोड़ से ज्‍यादा को म‍िला पहचान पत्र, क‍िसानों के ल‍िए तकनीक पर जोर- श‍िवराज स‍िंंह

अब तक कुल आठ करोड़ 47 लाख से ज़्यादा किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने 2026-27 तक देश में ग्यारह करोड़ किसानों के किसान आईडी बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को बताया…

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CAI

भारत-अमेरिका डील से टेक्सटाइल सेक्टर में नई उम्मीदें: CAI

अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे लागत कम होगी, बाजार में मांग बढ़ेगी और किसानों से लेकर निर्यातकों तक पूरे कपड़ा क्षेत्र को फायदा मिलेगा।

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योगी आदित्यनाथ

गन्ने के साथ तिलहन–दलहन की खेती से बदलेगी यूपी की तस्वीर: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की अंतर-फसल को खेती का भविष्य बताया है। उन्होंने कहा कि सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी फसलों को गन्ने के साथ उगाने से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यह योजना 2026-27 से मिशन मोड में लागू होगी, जिससे कम लागत में ज्यादा उत्पादन, स्थिर आय और किसानों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी।

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उत्तर प्रदेश में Soil to Silk सेंटर की शुरुआत

रेशम उद्योग को नई रफ्तार, उत्तर प्रदेश में Soil to Silk सेंटर की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की शुरुआत की गई है, जहां मिट्टी से लेकर रेशमी कपड़े बनने तक की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह दिखाई जाएगी। इस केंद्र से शुद्ध रेशम की पहचान आसान होगी और बुनकरों, कारीगरों व किसानों को अपने उत्पाद सीधे बेचने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने की उम्मीद है।

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BUDGET

बजट 2026 से कृषि और किसानों के लाभ-हानि का लेखा-जोखा— प्रो. के.एन. तिवारी

प्रो. केएन तिवारी के मुताबिक केंद्रीय बजट 2026 में कृषि के लिए आवंटन बढ़ाया गया है और सरकार ने उच्च मूल्य वाली फसलों, निर्यात, भंडारण और तकनीक पर फोकस किया है। हालांकि उर्वरक सब्सिडी बढ़ने के बावजूद यूरिया सुधार, एमएसपी गारंटी और छोटे किसानों की बुनियादी समस्याओं पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। उनका मानना है कि बजट सतत विकास की दिशा में तो है, लेकिन संरचनात्मक सुधारों की कमी के कारण इसकी सफलता सीमित रह सकती है।

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शिवराज सिंह चौहान

गांव, किसान और गरीब को केंद्र में रखने वाला ऐतिहासिक बजट: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय बजट 2026-27 को कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐतिहासिक और विकसित भारत की नींव रखने वाला बताया है। बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। ग्रामीण विकास बजट में 21% की बढ़ोतरी, कृषि बजट 1.32 लाख करोड़ रुपये और 1.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी, SHE-मार्ट, मनरेगा, पंचायतों को सीधी सहायता और कृषि अनुसंधान के जरिए किसानों की आय बढ़ाने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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कच्चे तंबाकू पर 18% उत्पाद शुल्क हटाया गया

तंबाकू किसानों को बड़ी राहत, कच्चे तंबाकू पर 18% उत्पाद शुल्क हटाया गया

केंद्र सरकार ने तंबाकू किसानों और उद्योग को राहत देते हुए कच्चे तंबाकू पर लगाया गया 18% उत्पाद शुल्क वापस ले लिया है। यह फैसला बजट 2026-27 के दिन जारी गजट अधिसूचना के जरिए किया गया। बिना ब्रांड नाम और खुदरा बिक्री के लिए पैक न किए गए कच्चे तंबाकू पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा, जबकि सिगरेट पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी

बजट 2026-27: PM-Kisan की राशि नहीं बढ़ी, क्या किसानों को सालाना ₹6,000 ही मिलेंगे?

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। योजना का बजट 2025-26 की तरह ही ₹63,500 करोड़ रखा गया है, जिससे किसानों को आगे भी सालाना ₹6,000 की ही सहायता मिलेगी। बजट से पहले किसानों को राशि बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ऐलान नहीं किया।

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AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

BUDGET 2026-27: खेती को मिलेगा टेक्नोलॉजी बूस्ट, AI और ICAR से बदलेगा किसानों का भविष्य

बजट 2026-27 में खेती को आधुनिक बनाने के लिए AI और ICAR को जोड़ने की घोषणा की गई है। भारत विस्तार योजना के तहत किसानों को डेटा-आधारित सलाह, रीयल-टाइम फसल मॉनिटरिंग और यील्ड फोरकास्टिंग की सुविधा मिलेगी। इससे खेती ज्यादा सस्टेनेबल बनेगी, जोखिम घटेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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