CAI

भारत-अमेरिका डील से टेक्सटाइल सेक्टर में नई उम्मीदें: CAI

अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे लागत कम होगी, बाजार में मांग बढ़ेगी और किसानों से लेकर निर्यातकों तक पूरे कपड़ा क्षेत्र को फायदा मिलेगा।

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US ने शुल्क घटाकर 18% किया

Seafood Exports में फिर आएगी रफ्तार, US ने शुल्क घटाकर 18% किया

अमेरिका ने भारतीय समुद्री उत्पादों पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत के सी-फूड निर्यात में फिर से तेज़ी आने की उम्मीद है। ऊंचे शुल्क के कारण हाल के महीनों में अमेरिका को मछली निर्यात में गिरावट आई थी, लेकिन अब नए ऑर्डर मिलने और निर्यात पुराने स्तर पर लौटने की संभावना जताई जा रही है।

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30% आयात शुल्क

अमेरिकी दालों पर 30% शुल्क, भारत–US ट्रेड डील पर बढ़ा तनाव

भारत ने अमेरिका से आने वाली दालों, खासकर पीली मटर पर 30% आयात शुल्क लगा दिया है। इससे अमेरिका के सांसदों और किसानों में नाराजगी है, क्योंकि भारत अमेरिकी दालों का बड़ा बाजार है। अमेरिका का कहना है कि इस फैसले से उनके किसानों को नुकसान होगा, जबकि भारत इसे घरेलू किसानों की सुरक्षा और दाम नियंत्रण के लिए जरूरी बता रहा है।

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CAI की अपील

कच्चे कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म की जाए: CAI की अपील

CAI ने सरकार से कच्चे कपास पर 11% आयात शुल्क हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा कपास और कमजोर मांग से टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। बरसात से देशी कपास की गुणवत्ता भी गिरी है, इसलिए मिलों को आयात करना पड़ेगा। शुल्क हटाने से उद्योग को सस्ता कपास मिलेगा और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

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सरकार ने पीली मटर के आयात पर फिर से लगाई ड्यूटी

किसानों को राहत, सरकार ने पीली मटर के आयात पर फिर से लगाई ड्यूटी

सरकार ने किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए 1 नवंबर से पीली मटर के आयात पर फिर से 30% टैक्स (10% इंपोर्ट ड्यूटी + 20% AIDC) लगाने का फैसला किया है। विदेशी मटर आने से दालों के दाम MSP से नीचे गिर गए थे। अब सरकार तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मूंग, उड़द और अरहर की MSP पर खरीद करेगी, जिससे किसानों को सीधा फायदा होगा और बाजार में दाम स्थिर रहेंगे।

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आयात शुल्क हटाने

कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने से किसे फायदा और किसे नुकसान? जानिए शुल्क छूट की क्या है वजह?

केंद्र सरकार ने कपास पर 20 सितंबर 2025 तक के लिए 11 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। सरकार का दावा है कि उसके इस फैसले से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को राहत मिलेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन किसान संगठनों का आरोप है कि यह फैसला किसानों के खिलाफ है और इसका सीधा असर उनकी कमाई पर पड़ेगा।

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कच्चे खाद्य तेल

कच्चे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत घटा, तेल की कीमतों में आएगी कमी

दूसरे देशों से आयात किए जाने वाले कच्चे खाद्य तेलों पर सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को दस प्रतिशत तक कम कर दिया है. केंद्र सरकार ने क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोया ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर आधा कर दिया है, जो पहले बीस प्रतिशत थी. सरकार के इस कदम का मकसद खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों को कम करना है.

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भारत सरकार

चने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के कारण सस्ता चना विदेश से नहीं आयेगा: शिवराज सिंह चौहान

भारत सरकार 1 अप्रैल से चना पर फिर से आयात शुल्क लागू करने को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार का मानना है कि यह किसानों और आम जान दोनों के हित में है। लेकिन दूसरी तरफ, उद्योग जगत सरकार के इस फैसले से नाखुश है क्योंकि उन्हें लगता है कि आयात को प्रभावित करने के लिए यह टैक्स काफी कम है। आपको बता दें कि इस साल चने की अधिक पैदावार की उम्मीद है इसलिए सरकार ने इसपर 10 प्रतिशत की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है।

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सरकार ने पीली मटर के लिए मुफ्त आयात नीति 3 महीने और उड़द के लिए 1 साल के लिए बढ़ाई

भारत सरकार ने पीली मटर और उड़द के लिए मुफ़्त आयात नीति को बढ़ा दिया है, जिससे व्यापारियों के लिए इन दालों का आयात क्रमशः 31 मई, 2025 और 31 मार्च, 2026 तक आसान हो जाएगा। इस कदम का उद्देश्य कीमतों को स्थिर करना और घरेलू बाज़ार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है, जिससे फ़ूड…

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तुअर दाल

केंद्र सरकार ने तुअर दाल के शुल्क मुक्त आयात को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया, क़ीमतों पर क़ाबू पाना उद्देश्य

केंद्र सरकार ने तुअर दाल की क़ीमतों पर अंकुश लगाने और मार्केट में सप्लाई को बनाये रखने के लिए इसके शुल्क मुक्त आयात को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है. हाल की कुछ गिरावटों के बावजूद, तुअर की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. इस उपाय का उद्देश्य कम घरेलू उत्पादन के प्रभाव को दूर करना और चल रही खाद्य मुद्रास्फीति चिंताओं के बीच पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करना है।

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