शहद से समृद्धि

शहद से समृद्धि: बिहार में शहद उत्पादन में 177% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

बिहार में पिछले 10 साल में शहद उत्पादन 177% बढ़ा है। राज्य सरकार नई मधु नीति लाकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करेगी। 2024 में देश के कुल शहद उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 12.30% रही। मधुमक्खी पालन योजना से किसानों, महिलाओं और युवाओं को कम लागत में रोजगार और अतिरिक्त आय मिल रही है।

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MEP 31 मार्च 2026 तक बढ़ा

शहद निर्यात को राहत: MEP 31 मार्च 2026 तक बढ़ा

सरकार ने प्राकृतिक शहद के निर्यात पर 1,400 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है, ताकि भारतीय शहद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती मिल सके। भारत दुनिया के बड़े शहद उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है और अमेरिका, यूएई व सऊदी अरब जैसे देशों में शहद भेजता है। साथ ही सरकार राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन के जरिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर काम कर रही है।

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बिहार

बिहार बना देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य

बिहार ने शहद उत्पादन में तेजी दिखाई है और 2023-24 में 18,030 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन कर देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन गया। इससे हजारों लोगों को रोजगार और बेहतर आजीविका मिली है। लीची, सरसों, महुआ और जामुन की फसलों से उच्च गुणवत्ता वाला शहद तैयार होता है। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और 75–90% अनुदान से मधुमक्खी पालन में नए किसान भी जुड़ रहे हैं।

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न्यूनतम निर्यात कीमत

भारत सरकार ने घटाई शहद की न्यूनतम निर्यात कीमत

भारत सरकार ने प्राकृतिक शहद की न्यूनतम निर्यात कीमत (MEP) घटाकर 2,000 डॉलर से 1,400 डॉलर प्रति टन कर दी है, जो 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी। भारत से शहद मुख्य रूप से अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब और कतर को निर्यात होता है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने शहद निर्यात से 177.52 मिलियन डॉलर कमाए। सरकार नेशनल बीकीपिंग एंड हनी मिशन (NBHM) के ज़रिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है।

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'स्वीट रिवॉल्यूशन'

पिछले दस सालों में 60 प्रतिशत बढ़ा शहद उत्पादन … जानिए पीएम मोदी ने ‘स्वीट रिवॉल्यूशन’ के बारे में क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में मधुमक्खी पालन का भी जिक्र किया और बढ़ते शहद उत्पादन पर खुशी जाहिर की. पीएम मोदी ने शहद की मिठास को आत्मनिर्भर भारत का स्वाद बताया. उन्होंने कहा ” 20 मई को ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ मनाया गया, यानी एक ऐसा दिन जो हमें याद दिलाता है कि शहद सिर्फ मिठास नहीं, बल्कि सेहत, स्वरोजगार, और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी है. पिछले 11 वर्षों में, मधुमक्खी पालन में, भारत में एक ‘स्वीट रिवॉल्यूशन’ हुआ है. आज से 10-11 साल पहले भारत में शहद उत्पादन एक साल में करीब 70-75 हजार मीट्रिक टन होता था. आज यह बढ़कर करीब-करीब सवा लाख मीट्रिक टन के आसपास हो गया है, यानी शहद उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.”

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